नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) को जहरीली हवा और स्मॉग के परमानेंट संकट से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एनसीआर क्षेत्र से सभी पुराने ट्रकों और बसों को सड़कों से हटाने की योजना को मंजूरी दे दी गई है।
अब इनकी जगह सड़कों पर सिर्फ पर्यावरण अनुकूल बीएस-6 (BS-VI) मानक और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) ही दौड़ेंगे। इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार, राज्य सरकारों और वाहन कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना आगामी दो साल के लिए तैयार की गई है। इसके लिए कुल 9,585 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है, जिसका ढांचा कुछ इस तरह है:
केंद्र सरकार का हिस्सा: ₹5,041 करोड़ (नकद और सब्सिडी के रूप में)।
राज्य सरकारों का हिस्सा: ₹1,601 करोड़ (टैक्स और रजिस्ट्रेशन छूट के रूप में)।
ऑटोमोबाइल कंपनियों का हिस्सा: ₹2,943 करोड़ (डिस्काउंट के रूप में)।
पुराने कमर्शियल वाहनों को कबाड़ (Scrap) में देने और नए वाहन खरीदने के लिए मालिकों को सीधे तौर पर प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत मिलने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:
ब्याज पर सब्सिडी: नया इलेक्ट्रिक या बीएस-6 ट्रक/बस खरीदने के लिए 5 साल के लोन (ऋण) पर 5% की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी।
फ्यूल वाउचर्स: गाड़ी मालिकों को राहत देने के लिए हर महीने मासिक ईंधन वाउचर (Monthly Fuel Vouchers) भी दिए जाएंगे।
टैक्स में बंपर छूट: संबंधित राज्य सरकारें नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क (Registration Fee) को पूरी तरह माफ करेंगी। इसके साथ ही नए वाहनों पर 100% तक और पुराने वाहनों पर 50% तक मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) में छूट मिलेगी।
कंपनियों की तरफ से डिस्काउंट: इस सरकारी योजना के तहत वाहन निर्माता कंपनियां भी आगे आई हैं। वे नई गाड़ी खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत (Ex-Showroom Price) पर 8% की सीधी छूट देंगी।
दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में सर्दियों के साथ-साथ सालभर प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक रहता है। इस प्रदूषण में एक बहुत बड़ा हिस्सा रात के समय दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने वाले और यहां चलने वाले पुराने डीजल ट्रकों और बसों का होता है। सरकार की इस नई ‘स्क्रैपेज और रिप्लेसमेंट’ नीति से एनसीआर की हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में भारी गिरावट आने की उम्मीद जताई जा रही है।