दार्जिलिंग: सिक्किम और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 10 (NH-10) पर एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है। गंगटोक से सिलीगुड़ी जा रही एक टाटा नेक्सॉन कार अनियंत्रित होकर तीस्ता नदी में समा गई। इस हादसे में कार सवार एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें 5 साल की एक मासूम बच्ची और तीन सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। रविवार सुबह बचाव दलों ने नदी की गहराई से कार और चारों शवों को बरामद कर लिया है।
हादसे का शिकार: पूर्वी सिक्किम के काबी लुंगचोक (लिंगडोक) का रहने वाला एक ही परिवार।
सफर की वजह: परिवार 5 जून को सिलीगुड़ी के एक अस्पताल में भर्ती अपने बीमार रिश्तेदारों से मिलने जा रहा था।
लापता होने की क्रोनोलॉजी: 5 जून की शाम राम्बी इलाके के पास परिवार से आखिरी बार संपर्क हुआ था, जिसके बाद वे लापता हो गए थे। 6 जून को शिकायत दर्ज होने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया था।
मलबे से मिला सुराग: बाघपुल के पास भूस्खलन वाले हिस्से से कार की बैटरी और बंपर मिलने के बाद खोजबीन का दायरा तीस्ता नदी की तरफ बढ़ाया गया।
इस हादसे ने पूरे सिक्किम को स्तब्ध कर दिया है क्योंकि जान गंवाने वाले तीनों वयस्क सिक्किम सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत थे:
स्मारिका न्यौपाने (उम्र: 28 वर्ष): STNM अस्पताल में नर्सिंग लेक्चरर।
सैब्या न्यौपाने (उम्र: 27 वर्ष): संस्कृति विभाग में जूनियर इंजीनियर।
जीका दहल (उम्र: 27 वर्ष): बागवानी (Horticulture) विभाग में कार्यरत।
दित्या छेत्री (उम्र: 5 वर्ष): मासूम बच्ची।
शनिवार शाम को भारी बारिश और नदी के तेज बहाव के बीच डूबी हुई कार का पता चल गया था, लेकिन खराब मौसम और रात के अंधेरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। रविवार (7 जून) की सुबह तड़के NDRF, SDRF, पश्चिम बंगाल पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्टा और समाजसेवी विक्रम राय के सहयोग से दोबारा अभियान शुरू किया और शवों को बाहर निकाला।
हादसे का मुख्य कारण: स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षेत्र में हो रही लगातार भारी बारिश, अचानक हुआ भूस्खलन (Landslide) और राष्ट्रीय राजमार्ग 10 (NH-10) की जर्जर और खस्ताहाल स्थिति इस भयावह हादसे की मुख्य वजह बनी।