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DU छात्रा से दरिंदगी: लखनऊ में चार दिन तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, तीन युवक गिरफ्तार

लखनऊ/नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे लखनऊ में चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत के […]

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  • June 7, 2026 6:40 pm IST, Published 14 seconds ago

लखनऊ/नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे लखनऊ में चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के सामने आने के बाद महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, पीड़िता दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में स्नातक की छात्रा है। कॉलेज में अवकाश होने के कारण वह मई महीने की शुरुआत में अपने गृह जनपद जौनपुर गई हुई थी। इसी बीच उसे परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड लेने दिल्ली वापस आना था। छात्रा ने आरोप लगाया है कि 15 मई को वह सुहेलदेव एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली लौट रही थी। यात्रा के दौरान उसके एक पुराने परिचित युवक ने उससे संपर्क किया और चारबाग रेलवे स्टेशन पर मिलने के लिए कहा।

पीड़िता के अनुसार, चारबाग स्टेशन पहुंचने के बाद आरोपी युवक अपने एक साथी के साथ वहां मौजूद था। दोनों ने उसे बहाने से अपने साथ चलने के लिए कहा। छात्रा का आरोप है कि इसके बाद उसे लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र स्थित एक फ्लैट में ले जाया गया, जहां उसके साथ जबरदस्ती की गई।

शिकायत में कहा गया है कि फ्लैट में पहुंचने के बाद आरोपियों ने उसे नशीला पदार्थ मिलाकर पेय पदार्थ पिलाया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसने खुद को असहाय महसूस किया। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया। अगले दिन एक अन्य युवक भी फ्लैट पर पहुंचा और उसने भी उसके साथ गलत हरकत की। छात्रा ने बताया कि जब उसने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे धमकाया और किसी को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि 17 मई को एक तीसरा युवक फ्लैट पर आया और उसने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा के अनुसार, तीनों आरोपी बारी-बारी से उसका शोषण करते रहे। उसे फ्लैट के भीतर ही कैद रखा गया था और आरोपी जब भी बाहर जाते थे, कमरे को बाहर से बंद कर देते थे ताकि वह कहीं भाग न सके। इस दौरान उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि चार दिनों तक वह भय और दबाव के माहौल में रही। आरोपियों ने उसे लगातार धमकाया कि यदि उसने घटना की जानकारी किसी को दी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इसी डर के कारण वह तत्काल पुलिस तक नहीं पहुंच सकी। हालांकि बाद में मौका मिलने पर उसने साहस जुटाकर पूरे मामले की जानकारी अपने परिजनों और पुलिस को दी।

मामला सामने आने के बाद दिल्ली के आनंद विहार थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। चूंकि कथित अपराध लखनऊ में हुआ था, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत केस को उत्तर प्रदेश पुलिस के संबंधित थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों की पहचान कर ली गई है। संबंधित स्थानों पर छापेमारी की गई और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां घटनास्थल, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही हैं ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून का प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन जरूरी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़िता को आवश्यक सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

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