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मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: नई राजधानी अमरावती में 1504 सरकारी आवास बनेंगे

नई दिल्ली/अमरावती: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) ने आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (GPRA) परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 1,234.91 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा […]

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  • June 10, 2026 5:30 pm IST, Published 3 hours ago

नई दिल्ली/अमरावती: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) ने आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (GPRA) परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 1,234.91 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अमरावती में बनने वाला यह पहला जीपीआरए परिसर होगा, जो 17 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत टाइप-II से टाइप-VI श्रेणी तक की कुल 1,504 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 11 बहुमंजिला आवासीय टावर बनाए जाएंगे, जिनमें आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यापक पार्किंग व्यवस्था भी होगी।

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से केंद्र सरकार के कर्मचारियों को कार्यस्थल के निकट गुणवत्तापूर्ण आवास मिलेगा, जिससे उनका आर्थिक बोझ कम होगा और प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ेगी। कर्मचारियों की उपलब्धता और कार्यक्षमता में सुधार के साथ-साथ उनके समग्र कल्याण को भी बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना को पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ विकास के मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। सभी भवनों का निर्माण ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और हरित भवन मानकों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। परिसर को न्यूनतम 4-स्टार GRIHA रेटिंग प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ विकसित किया जाएगा।

जीपीआरए परिसर में आवासीय सुविधाओं के अलावा बैंक, एटीएम, डाकघर, शिशुगृह, सामुदायिक केंद्र, फूड कोर्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर और गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। दिव्यांगजनों के लिए परिसर को पूरी तरह सुगम और बाधा-मुक्त बनाया जाएगा।

इस परियोजना से निर्माण चरण के दौरान प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख  रोजगार सृजित होने का अनुमान है। वहीं, परियोजना के संचालन के बाद भी करीब 50 हजार का वार्षिक रोजगार उत्पन्न होगा। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की देखरेख में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) इस परियोजना का क्रियान्वयन करेगा। निविदा प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।

 

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