गाजियाबाद : प्रदेश सरकार जहां विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के दावे कर रही है, वहीं गाजियाबाद में बिजली विभाग के एक अधिकारी का कथित ऑडियो वायरल होने से विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। कृष्णा विहार कुटी बिजलीघर क्षेत्र के एक्सईएन और एक उपभोक्ता के बीच हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ऑडियो में शिकायत लेकर पहुंचे उपभोक्ता से अधिकारी की कथित अभद्र भाषा सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार डिफेंस कॉलोनी निवासी एक उपभोक्ता क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान था। उपभोक्ता का कहना है कि उसके पिता की हाल ही में हृदय की सर्जरी हुई है, ऐसे में बार-बार बिजली जाने से परिवार को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर वह विभागीय अधिकारियों तक पहुंचा, लेकिन उसकी शिकायत सुनने के बजाय कथित तौर पर उसे ही खरी-खोटी सुनाई गई।
वायरल ऑडियो में उपभोक्ता अपने इलाके में बार-बार हो रही बिजली कटौती की शिकायत करता सुनाई देता है। इस पर एक्सईएन उससे बिजली कटने के कारणों के बारे में पूछते हैं। उपभोक्ता का कहना है कि क्षेत्र में ओवरलोडिंग और ट्रांसफार्मर पर बढ़े दबाव के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही थी। बातचीत के दौरान अधिकारी और उपभोक्ता के बीच तीखी बहस भी सुनाई देती है। इसी दौरान अधिकारी द्वारा कथित रूप से यह कहे जाने का दावा किया जा रहा है कि “क्या तुमने पूरी दुनिया का ठेका ले रखा है?”
ऑडियो में उपभोक्ता यह भी कहता सुनाई देता है कि क्षेत्र में दोपहर के समय दोबारा बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई थी। इसके जवाब में अधिकारी उसके घर में इनवर्टर की उपलब्धता के बारे में पूछते हैं। उपभोक्ता बताता है कि उसके पास केवल एक बैटरी वाला इनवर्टर है, जो सीमित समय तक ही बिजली दे पाता है। बिजली कटौती की वजह से घर के बुजुर्ग और मरीजों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
मामला उस समय और गरमा गया जब उपभोक्ता ने इसकी शिकायत मुख्य अभियंता से कर दी। शिकायत के बाद एक्सईएन, एसडीओ, जेई और अन्य कर्मचारियों की टीम उपभोक्ता के घर और उसकी फैक्ट्री पहुंच गई। उपभोक्ता का आरोप है कि विभागीय टीम ने जांच के नाम पर उस पर दबाव बनाने की कोशिश की और उसे परेशान किया गया। उसका कहना है कि उसने केवल बिजली कटौती की शिकायत की थी, लेकिन इसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई का माहौल बना दिया गया।
हालांकि विभागीय अधिकारियों का पक्ष इससे अलग है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली चोरी और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में कई फैक्ट्रियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई। विभाग का दावा है कि जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर 14 फैक्ट्रियों को सील किया गया और पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उपभोक्ता की शिकायत से कोई संबंध नहीं है।
फिलहाल ऑडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर लोग विभागीय अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती और अब सामने आए इस विवाद ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर नई बहस छेड़ दी है।
अब देखना होगा कि विभाग इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है और वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच कर किसी प्रकार की कार्रवाई करता है या नहीं। वहीं उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाएगा और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।