• होम
  • व्यापार
  • ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में भारी उछाल

ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में भारी उछाल

 सेंसेक्स 1200 अंक उछला; क्रूड ऑयल 4% गिरा मुंबई: वैश्विक मोर्चे से आ रही सकारात्मक खबरों के बीच आज यानी 15 जून को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों ने निवेशकों के उत्साह को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • June 15, 2026 9:43 am IST, Published 3 hours ago

 सेंसेक्स 1200 अंक उछला; क्रूड ऑयल 4% गिरा

मुंबई: वैश्विक मोर्चे से आ रही सकारात्मक खबरों के बीच आज यानी 15 जून को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों ने निवेशकों के उत्साह को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इस बड़ी भू-राजनीतिक राहत के चलते घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक रिकॉर्ड बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

बाजार का मौजूदा हाल

इन सेक्टर्स में दिख रही है सबसे ज्यादा खरीदारी

शांति समझौते की खबरों से बाजार का सेंटिमेंट बेहद मजबूत हुआ है, जिसके चलते चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा तेजी निम्नलिखित सेक्टर्स में है:

  1. ऑटोमोबाइल्स (Auto): कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से ऑटो सेक्टर को बड़ा सहारा मिला है।

  2. बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज (Banking): मजबूत ग्लोबल संकेतों के कारण बैंकिंग शेयरों में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है।

  3. रियल्टी (Realty): रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में भी आज तगड़ी लिवाली देखी जा रही है।

कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट

होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) खुलने की खबर: दोनों देशों के बीच तनाव कम होने और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोले जाने की खबरों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) करीब 4% टूटकर 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच यह समझौता अंतिम रूप ले लेता है, तो वैश्विक बाजार में स्थिरता आएगी और भारतीय बाजार में तेजी का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।

Advertisement