मुंबई: वेदांता समूह के बहुप्रतीक्षित डीमर्जर के बाद सोमवार को चार नई कंपनियों के शेयर शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो गए। इस लिस्टिंग ने निवेशकों के बीच खासा उत्साह पैदा किया, क्योंकि रिकॉर्ड डेट तक वेदांता लिमिटेड के शेयर रखने वाले निवेशकों को प्रत्येक एक शेयर के बदले चार नई कंपनियों के एक-एक शेयर आवंटित किए गए।
समूह की नई सूचीबद्ध कंपनियों में वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड, वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड, वेदांता पावर लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड शामिल हैं। इनमें वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड ने सबसे मजबूत शुरुआत की और 522 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर सूचीबद्ध हुई। वहीं, वेदांता ऑयल एंड गैस 38 रुपये, वेदांता पावर 41.8 रुपये और वेदांता आयरन एंड स्टील 20 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर बाजार में उतरीं।
डीमर्जर के बाद वेदांता लिमिटेड अपने मुख्य व्यवसायों, विशेष रूप से कॉपर, जिंक और अन्य बेस मेटल्स पर ध्यान केंद्रित करेगी। कंपनी का मानना है कि अलग-अलग कारोबारों को स्वतंत्र इकाइयों के रूप में संचालित करने से उनकी क्षमता और मूल्यांकन दोनों में वृद्धि होगी।
हालांकि लिस्टिंग के शुरुआती उत्साह के बाद नई कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली भी देखने को मिली। वेदांता एल्युमीनियम, जो ऊंचे स्तर पर सूचीबद्ध हुई थी, कारोबार के दौरान दबाव में आ गई और इसके शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर और वेदांता आयरन एंड स्टील के शेयरों में भी निवेशकों की बिकवाली देखने को मिली।
नई सूचीबद्ध कंपनियों को अगले कुछ दिनों तक ट्रेड-टू-ट्रेड (T2T) श्रेणी में रखा गया है। इसका अर्थ है कि इन शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होगी और प्रत्येक सौदे का अनिवार्य रूप से डिलीवरी आधारित निपटान होगा। यह व्यवस्था शुरुआती अस्थिरता को नियंत्रित करने और शेयरों में अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकने के लिए की जाती है।
डीमर्जर को वेदांता समूह की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसके जरिए अलग-अलग कारोबारों को स्वतंत्र पहचान मिलेगी, जिससे निवेशकों को प्रत्येक क्षेत्र के प्रदर्शन का स्पष्ट आकलन करने का अवसर मिलेगा। साथ ही कंपनियों को पूंजी जुटाने और अपने-अपने क्षेत्रों में विस्तार करने की अधिक स्वतंत्रता भी प्राप्त होगी।
बाजार की नजर अब इस बात पर रहेगी कि नई कंपनियां स्वतंत्र इकाई के रूप में अपने कारोबार को किस दिशा में आगे बढ़ाती हैं और निवेशकों को दीर्घकाल में कितना मूल्य प्रदान कर पाती हैं।