• होम
  • अपराध
  • जेल से बाहर आते ही रोशन ने खोला आरोपों का मोर्चा

जेल से बाहर आते ही रोशन ने खोला आरोपों का मोर्चा

पटना: बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद और फायरिंग प्रकरण ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। ज्ञान बिंदु संस्थान के संचालक रोशन आनंद को जमानत मिलने के बाद उन्होंने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। जेल से बाहर आते ही रोशन आनंद ने दावा किया कि उनके भाई […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • June 15, 2026 3:55 pm IST, Published 4 hours ago

पटना: बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद और फायरिंग प्रकरण ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। ज्ञान बिंदु संस्थान के संचालक रोशन आनंद को जमानत मिलने के बाद उन्होंने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। जेल से बाहर आते ही रोशन आनंद ने दावा किया कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश हो सकती है।

रोशन आनंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके भाई प्रिंस यादव की मौत कई सवाल खड़े करती है। उनका कहना है कि जिस समय वह जेल में थे, उसी दौरान उनके भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

यह मामला तब और चर्चा में आ गया जब प्रिंस यादव का शव नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शव पर चोट के निशान होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद परिजनों और समर्थकों ने कई तरह के सवाल उठाए। पुलिस और संबंधित एजेंसियां मौत के कारणों की जांच में जुटी हैं।

रोशन आनंद ने कहा कि उनके भाई को न्याय मिलना चाहिए और पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कई तथ्यों को सामने लाने की आवश्यकता है, जिससे घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सके।

दूसरी ओर, इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कुछ नेताओं ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि सच्चाई सामने आना जरूरी है। हालांकि अब तक जांच एजेंसियों की ओर से किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया गया है।

इस बीच, मामले में जिन लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उनकी ओर से आरोपों को खारिज किया गया है। उनका कहना है कि बिना जांच पूरी हुए किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने प्रिंस यादव की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि प्रिंस यादव का नाम पहले से चर्चित कोचिंग फायरिंग मामले में भी सामने आया था और वह जांच एजेंसियों की निगरानी में था। ऐसे में उसकी मौत ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल पुलिस, नेपाल की संबंधित एजेंसियों और अन्य जांच इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित कर घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रिंस यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या थे।

Advertisement