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ट्रांसजेंडर अधिकारों पर सुप्रीम सुनवाई

नई दिल्ली: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों से जुड़े संशोधन कानून की संवैधानिक वैधता को लेकर दाखिल विभिन्न याचिकाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का रास्ता साफ होता दिख रहा है। केंद्र सरकार ने देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में लंबित मामलों को एक मंच पर लाने की मांग की है, ताकि एक ही मुद्दे पर […]

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  • June 15, 2026 5:08 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों से जुड़े संशोधन कानून की संवैधानिक वैधता को लेकर दाखिल विभिन्न याचिकाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का रास्ता साफ होता दिख रहा है। केंद्र सरकार ने देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में लंबित मामलों को एक मंच पर लाने की मांग की है, ताकि एक ही मुद्दे पर अलग-अलग फैसलों की स्थिति से बचा जा सके।

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से कहा गया कि यह एक केंद्रीय कानून है और इसकी संवैधानिकता से जुड़ा प्रश्न पूरे देश पर प्रभाव डालता है। ऐसे में विभिन्न अदालतों में समान मुद्दों पर समानांतर सुनवाई उचित नहीं होगी। वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से संशोधन कानून को असंवैधानिक बताते हुए इसके चिकित्सीय आधार पर भी सवाल उठाए गए।

सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि सभी मामलों की सुनवाई एक ही मंच पर होना न्यायिक दृष्टि से बेहतर होगा, जिससे विरोधाभासी आदेशों की संभावना कम हो सके। अदालत ने मामले में नोटिस जारी करते हुए केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।

अब आगे यह तय किया जाएगा कि सभी याचिकाओं की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट स्वयं करेगा या किसी एक उच्च न्यायालय को सौंपा जाएगा। यह मामला ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और उनसे जुड़े कानूनी ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

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