अयोध्या से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा, आरएसएस और राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें चंपत राय बंसल और ट्रस्ट से जुड़े अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं।
अजय राय ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट और जांच प्रक्रिया से जुड़े कई लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं, ऐसे में निष्पक्ष जांच को लेकर संदेह पैदा होता है। उन्होंने कहा कि जब तक मामले की न्यायिक जांच नहीं होगी, तब तक पूरी सच्चाई सामने आने की संभावना कम है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान शिलापूजन और अन्य अभियानों के नाम पर बड़ी मात्रा में धन एकत्र किया गया था, लेकिन उसका पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हो सकता है।
अजय राय ने विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के कार्यकाल में जुटाए गए धन का भी लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोगों की धार्मिक आस्था और मंदिर निर्माण के लिए दिए गए चंदे के उपयोग को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।
उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि साथ में नृपेन्द्र मिश्रा हैं। जो ट्रस्ट को अध्यक्ष हैं। यह सब प्रधानमंत्री मोदी के आदमी हैं। इसमें नाम चंपत राय बंसल का आ रहा है। वे प्रधानमंत्री मोदी के नजदीक हैं।
कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक करे। साथ ही उन्होंने जांच अधिकारी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसके खिलाफ पहले से अन्य मामलों की जांच चल रही है। ऐसे में जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।