लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम एक हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस बैठक में सीएम योगी ने NEET परीक्षा देने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है, तो वहीं मोहर्रम और कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आगामी 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया है। अब परीक्षार्थियों को यूपी रोडवेज (UPSRTC) की बसों में सफर करने पर किराए में 50 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी। इस रियायत का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को बस में अपना एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) दिखाना होगा।
आगामी मोहर्रम के त्योहार को देखते हुए सीएम योगी ने साफ कहा कि यह मातम का अवसर है, इसलिए किसी भी तरह के शक्ति प्रदर्शन की इजाजत नहीं होगी। सरकार ने मोहर्रम के जुलूसों के लिए कड़े नियम तय किए हैं:
हथियारों और डीजे पर रोक: जुलूस के दौरान हथियारों के प्रदर्शन, कानफोड़ू डीजे और तेज ढोल-ताशों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
ताजियों की ऊंचाई तय: ताजियों की ऊंचाई तय मानकों के अनुसार ही रखनी होगी। 10 से 12 फीट से अधिक ऊंचे ताजियों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
नई परंपरा पर रोक: किसी भी जगह पर कोई नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं होगी। माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने सभी कप्तानों और जिलाधिकारियों को स्थानीय लोगों से संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर उत्तर प्रदेश में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस बार योग दिवस ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर मनाया जाएगा।
प्रदेश की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में सामूहिक योग कार्यक्रम होंगे, जिनमें जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर मुख्य आयोजन किए जाएंगे।
मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का पूरे प्रदेश में सीधा प्रसारण (Live Telecast) किया जाएगा। इसके साथ ही 20 जून को पूरे राज्य में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल की समीक्षा करते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में शिकायतों के निपटारे की स्थिति खराब है, वहां के अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली सुधारें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इसके साथ ही उन्होंने आदेश दिया कि जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के पद खाली हैं, वहां 3 दिन के भीतर योग्यता और मेरिट के आधार पर नियुक्तियां की जाएं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश समेत शासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।