नई दिल्ली / नीस (फ्रांस): फ्रांस के खूबसूरत शहर नीस में आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का शानदार समापन हो गया है। इस सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को एक मजबूत ग्लोबल डीप-टेक और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय की इस अनूठी पहल ने भारतीय स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और दुनिया भर के निवेशकों को एक साझा मंच प्रदान किया।

पीयूष गोयल का बड़ा बयान: ‘दुनिया आपका मंच है’

समापन सत्र को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने ‘भारत इनोवेट्स’ के इस पहले संस्करण को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने भारतीय अन्वेषकों, स्टार्टअप्स और छात्रों का आह्वान करते हुए कहा:

“दुनिया आपका मंच है। ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग का एक परिवर्तनकारी माध्यम बनेगा।”

उन्होंने देश के उच्च शिक्षा इकोसिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि भारत अब सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर नवाचार (Innovation) का नेतृत्व करने वाला देश बन चुका है।

सम्मेलन की मुख्य उपलब्धियां

तीन दिनों तक चले इस महाकुंभ में टेक्नोलॉजी शोकेस, बिजनेस मीटिंग्स और इन्वेस्टर पिचिंग जैसे कई महत्वपूर्ण दौर चले, जिसके परिणाम बेहद सकारात्मक रहे:

  • वैश्विक भागीदारी: दुनिया के 29 देशों से 2,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

  • निवेशकों का तांता: फ्रांस के 500 से अधिक बड़े निवेशक, कंपनियों के प्रमुख (CXOs) और शोधार्थी शामिल हुए।

  • बिजनेस टू बिजनेस (B2B) मीट: निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच 1,350 से अधिक आमने-सामने बैठकें हुईं।

  • रणनीतिक समझौते: भविष्य के अनुसंधान और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए 50 से अधिक सहयोग समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।

  • आईआईटी (IIT) का दबदबा: सम्मेलन में भारत के 15 प्रमुख शिक्षण संस्थानों की 45 तकनीकी परियोजनाओं और 120 डीप-टेक अन्वेषकों को प्रदर्शित किया गया। इनमें से लगभग 60 प्रतिशत स्टार्टअप आईआईटी और आईआईएससी (IISc) जैसे शीर्ष संस्थानों से जुड़े थे।

“यह तो बस शुरुआत है” — प्रोफेसर अजय कुमार सूद

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने सम्मेलन के मुख्य निष्कर्षों को सामने रखते हुए कहा कि जब सरकार, उद्योग जगत, शिक्षा जगत और अंतरराष्ट्रीय भागीदार एक साथ आते हैं, तो असीमित संभावनाएं पैदा होती हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, “भले ही यह तीन दिवसीय सम्मेलन आज समाप्त हो गया है, लेकिन भारतीय नवाचार और डीप-टेक को वैश्विक गति देने की प्रक्रिया तो अभी शुरू ही हुई है।”

इस सम्मेलन की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में भारत और फ्रांस के बीच तकनीक, रोबोटिक्स, एआई और डीप-टेक के क्षेत्र में नए रास्ते खुलने वाले हैं, जो भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों के द्वार खोलेगा।