पुलिस सूत्रों के अनुसार, 2 जून की रात लगभग 10:10 बजे कथित तौर पर हंगामा और तोड़फोड़ की घटना हुई थी, जबकि लाइसेंसी राइफल से फायरिंग करीब 10:30 बजे की गई। जांच में समय के इस अंतर को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मामले में खान सर के बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार और तालेश्वर सिंह के नाम सामने आए हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि अब तक जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आत्मरक्षा में गोली चलाए जाने के दावे की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग का उद्देश्य क्या था और उस समय की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
वहीं, इस मामले में खान सर की ओर से पहले यह कहा गया था कि उनके सुरक्षा कर्मियों ने हंगामा, मारपीट और तोड़फोड़ की स्थिति के बाद आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। हालांकि, पुलिस की मौजूदा जांच में इस दावे को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सभी उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी रिपोर्ट तथा गवाहों के बयानों के विश्लेषण के बाद ही निकाला जाएगा।