21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय लगातार निगरानी बनाए हुए है। इसी क्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने वरिष्ठ अधिकारियों, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।
बैठक का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का आकलन करना और यह सुनिश्चित करना था कि देशभर में परीक्षा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो। इस दौरान परीक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। इसलिए सभी संबंधित एजेंसियों और संस्थानों को पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक में विद्यार्थियों की सुविधा को भी प्रमुखता दी गई। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर ऐसा वातावरण बनाया जाए जिससे छात्रों को किसी प्रकार का तनाव या असुविधा महसूस न हो।
इस समीक्षा बैठक में देशभर से 200 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षा विशेषज्ञ, परीक्षा संचालन से जुड़े प्रतिनिधि और संस्थागत प्रमुख शामिल हुए। सभी ने अपने-अपने स्तर पर की जा रही तैयारियों की जानकारी साझा की और परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सुझाव भी दिए।
देशभर के लाखों छात्र और उनके परिवार इस परीक्षा से जुड़ी तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में सरकार और परीक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। 21 जून को होने वाली परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासनिक तंत्र इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।