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NEET UG री-एग्जाम के लिए NTA की नई गाइडलाइंस

 परीक्षा का समय बढ़ाकर 3 घंटे 15 मिनट किया गया, रफ वर्क के लिए मिलेंगी 4 शीट नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक के कारण रद्द हुई नीट-यूजी (NEET UG 2026) की दोबारा होने जा रही परीक्षा के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। सुरक्षा और छात्रों की सहूलियत को ध्यान में […]

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  • June 12, 2026 6:24 pm IST, Published 35 minutes ago

 परीक्षा का समय बढ़ाकर 3 घंटे 15 मिनट किया गया, रफ वर्क के लिए मिलेंगी 4 शीट

नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक के कारण रद्द हुई नीट-यूजी (NEET UG 2026) की दोबारा होने जा रही परीक्षा के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। सुरक्षा और छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस बार परीक्षा के पैटर्न और नियमों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। नए नोटिफिकेशन के अनुसार, अब छात्रों को परीक्षा के लिए 180 मिनट (3 घंटे) की जगह 195 मिनट (3 घंटे 15 मिनट) का समय मिलेगा। इसके साथ ही आंसर शीट में रफ वर्क के लिए जगह बढ़ाते हुए 4 रफ वर्क शीट दी जाएंगी।

याद दिला दें कि 3 मई 2026 को हुई नीट परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था, जिसकी जांच फिलहाल सीबीआई (CBI) कर रही है। अब यह री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित होने जा रहा है।

पेपर लीक रोकने के लिए NTA के कड़े और हाईटेक इंतजाम:

  • लॉकडाउन में रहेंगे पेपर सेटर्स: गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स को 21 जून (परीक्षा के दिन) तक पूरी तरह से ‘लॉकडाउन’ (कड़ी निगरानी और बाहरी दुनिया से अलग) में रखा जाएगा।

  • एयरफोर्स के विमानों से ट्रांसपोर्टेशन: पेपर लीक की गुंजाइश को खत्म करने के लिए सरकार प्रश्नपत्रों और परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों का इस्तेमाल करेगी।

  • 24 घंटे सोशल मीडिया पर नजर: डिजिटल क्षेत्र में फर्जी क्वेश्चन पेपर, अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए अधिकारी चौबीसों घंटे सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर पैनी नजर रख रहे हैं।

नई व्यवस्था: पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट को भी नहीं होगी भनक

NTA इस बार एक बेहद सुरक्षित और नया सिस्टम लागू कर रहा है। इसके तहत सवाल तैयार करने वाले सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को खुद यह पता नहीं होगा कि वे किस परीक्षा के लिए सवाल बना रहे हैं।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम: अलग-अलग विषयों के एक्सपर्ट्स केवल प्रश्न तैयार करेंगे, जिन्हें एक बड़े डिजिटल क्वेश्चन बैंक में सुरक्षित रख दिया जाएगा। इस बैंक में करीब 10,000 सवाल होंगे। परीक्षा से ठीक पहले, रैंडमली तकनीक (सॉफ्टवेयर) की मदद से इन्हीं सवालों में से फाइनल एग्जाम पेपर तैयार किया जाएगा।

देश-विदेश के 565 शहरों में होगी परीक्षा

इस री-एग्जाम के सफल आयोजन के लिए देश भर के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना गया है।

नीट (NEET) देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए एम्स (AIIMS) और जिपमर (JIPMER) समेत देश के सभी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की 1 लाख से ज्यादा सीटों पर MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग कोर्सेज में एडमिशन मिलता है।

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