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पुराना स्मार्टफोन बेचने से पहले सिर्फ Factory Reset नहीं, डेटा सुरक्षा के लिए उठाएं ये जरूरी कदम

नई दिल्ली। भारत में स्मार्टफोन अपग्रेड करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हर साल करोड़ों लोग नया मोबाइल खरीदने के बाद अपना पुराना स्मार्टफोन बेच देते हैं या एक्सचेंज कर देते हैं। आमतौर पर लोग यह मान लेते हैं कि फोन बेचने से पहले Factory Reset कर देना ही पर्याप्त है और इससे […]

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  • June 19, 2026 11:00 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली। भारत में स्मार्टफोन अपग्रेड करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हर साल करोड़ों लोग नया मोबाइल खरीदने के बाद अपना पुराना स्मार्टफोन बेच देते हैं या एक्सचेंज कर देते हैं। आमतौर पर लोग यह मान लेते हैं कि फोन बेचने से पहले Factory Reset कर देना ही पर्याप्त है और इससे उनका सारा डेटा हमेशा के लिए मिट जाता है। लेकिन हाल ही में सामने आए एक सर्वे ने इस धारणा को चुनौती देते हुए डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

डिजिटल युग में स्मार्टफोन केवल संचार का साधन नहीं रह गया है। आज एक मोबाइल फोन में बैंकिंग जानकारी, यूपीआई ऐप्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स, निजी तस्वीरें, वीडियो, ईमेल, दस्तावेज और कई संवेदनशील जानकारियां सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में यदि पुराना फोन बेचते समय डेटा पूरी तरह नष्ट नहीं होता, तो यह साइबर अपराधियों के लिए अवसर बन सकता है।

सर्वे में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर

एक प्रमुख री-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा कराए गए सर्वे में हजारों स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की राय ली गई। सर्वे के अनुसार अधिकांश लोग फोन बेचने से पहले Factory Reset करते हैं, लेकिन इसके बावजूद डेटा सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता कम नहीं हुई है। सर्वे में शामिल करीब 31 प्रतिशत लोगों ने दावा किया कि वे किसी डिलीट किए गए फोन डेटा को दोबारा रिकवर करने में सफल रहे हैं। यह आंकड़ा इस बात की ओर संकेत करता है कि केवल Factory Reset को डेटा सुरक्षा की अंतिम गारंटी नहीं माना जा सकता।

सर्वे में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने स्वीकार किया कि उन्हें यह डर सताता है कि फोन बेचने के बाद उनकी निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के हाथ लग सकती है। यही कारण है कि कई लोग अपने पुराने स्मार्टफोन बेचने के बजाय घर में ही रख देना ज्यादा सुरक्षित समझते हैं।

क्यों बढ़ रही है डेटा चोरी की आशंका?

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार Factory Reset के बाद भी कुछ परिस्थितियों में डेटा के अवशेष स्टोरेज में मौजूद रह सकते हैं। साइबर फोरेंसिक तकनीकों और विशेष डेटा रिकवरी सॉफ्टवेयर की मदद से कुछ जानकारी दोबारा प्राप्त की जा सकती है। हालांकि आधुनिक स्मार्टफोन में एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा तकनीकों ने इस प्रक्रिया को काफी कठिन बना दिया है, लेकिन जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उपयोगकर्ता अक्सर केवल फोटो और वीडियो को महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि वास्तव में बैंकिंग ऐप्स, ईमेल अकाउंट, क्लाउड स्टोरेज एक्सेस, डिजिटल वॉलेट और सोशल मीडिया लॉगिन जैसी जानकारियां कहीं अधिक संवेदनशील होती हैं। यदि ये जानकारी गलत हाथों में पहुंच जाए तो वित्तीय नुकसान और पहचान चोरी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

स्मार्टफोन बेचने से पहले जरूर करें ये काम

डेटा सुरक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फोन बेचने से पहले कुछ अतिरिक्त सावधानियां बरतनी चाहिए। सभी महत्वपूर्ण फोटो, वीडियो और दस्तावेजों का बैकअप लें। Google, Apple ID और अन्य सभी अकाउंट्स से लॉगआउट करें।

Find My Device या Find My iPhone जैसी सेवाओं को निष्क्रिय करें। SIM कार्ड और मेमोरी कार्ड निकाल लें। यदि संभव हो तो फोन को एन्क्रिप्ट करने के बाद Factory Reset करें।Factory Reset के बाद फोन में कुछ डमी डेटा भरकर दोबारा रीसेट करें, जिससे पुराने डेटा के ओवरराइट होने की संभावना बढ़ जाती है। केवल विश्वसनीय और प्रमाणित प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही फोन बेचें।

सेकेंड हैंड स्मार्टफोन बाजार का बढ़ता आकार

भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में शामिल है। हर साल लाखों स्मार्टफोन सेकेंड हैंड मार्केट में पहुंचते हैं। ऑनलाइन रीसेल और एक्सचेंज प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता बढ़ने के साथ पुराने फोन की खरीद-फरोख्त भी तेजी से बढ़ी है। इसी वजह से डेटा सुरक्षा का मुद्दा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन रीसेल इंडस्ट्री में प्रमाणित डेटा डिलीशन और डिजिटल प्राइवेसी मानकों की मांग और बढ़ेगी। उपभोक्ता अब केवल बेहतर कीमत ही नहीं, बल्कि अपने डेटा की सुरक्षा की भी गारंटी चाहते हैं।

डिजिटल सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, साइबर अपराधी भी उतने ही नए तरीके अपना रहे हैं। इसलिए उपयोगकर्ताओं को अपने पुराने डिवाइस बेचते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। केवल Factory Reset पर भरोसा करने के बजाय डेटा सुरक्षा की पूरी प्रक्रिया अपनाना आज की आवश्यकता बन गया है।

निष्कर्षतः पुराना स्मार्टफोन बेचते समय थोड़ी सी लापरवाही आपकी निजी जानकारी को खतरे में डाल सकती है। इसलिए फोन बेचने से पहले डेटा सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाना न केवल समझदारी है, बल्कि डिजिटल युग में एक जिम्मेदार उपयोगकर्ता की पहचान भी है।

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