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FSSAI का बड़ा एक्शन: ‘No Added Sugar’ और ‘Natural’ जैसे दावों पर सवाल, कई नामी फूड ब्रांडों को नोटिस

नई दिल्ली। पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर लिखे आकर्षक दावे अब कंपनियों के लिए मुश्किल का कारण बन सकते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश की कई बड़ी खाद्य कंपनियों और ब्रांडों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि ये कंपनियां अपने उत्पादों […]

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  • June 20, 2026 8:30 pm IST, Published 3 hours ago

नई दिल्ली। पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर लिखे आकर्षक दावे अब कंपनियों के लिए मुश्किल का कारण बन सकते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश की कई बड़ी खाद्य कंपनियों और ब्रांडों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि ये कंपनियां अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए “No Added Sugar”, “100% Natural”, “Healthy”, “Rich in Vitamins” और “Natural Paneer” जैसे दावे कर रही थीं, जिनका या तो पर्याप्त वैज्ञानिक आधार नहीं मिला या वे उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले पाए गए।

खाद्य सुरक्षा नियामक की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बाजार में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लोग पैकेट पर लिखी जानकारी के आधार पर ही उत्पादों का चयन करते हैं। ऐसे में यदि दावे भ्रामक हों तो उपभोक्ता गलत जानकारी के आधार पर खरीदारी करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि किसी भी खाद्य उत्पाद पर किया गया दावा तथ्यों, वैज्ञानिक प्रमाणों और निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए।

जांच में कई बड़े ब्रांड आए दायरे में

नियामक की जांच के दौरान कई प्रसिद्ध खाद्य ब्रांडों के उत्पादों की पैकेजिंग और लेबलिंग की समीक्षा की गई। जांच में जूस, डेयरी उत्पाद, ब्रेड, स्नैक्स, सप्लीमेंट और बच्चों से जुड़े खाद्य उत्पाद शामिल थे। FSSAI का कहना है कि कुछ कंपनियां ऐसे शब्दों का उपयोग कर रही थीं जो उत्पाद को वास्तविकता से अधिक स्वास्थ्यवर्धक या प्राकृतिक दर्शाते हैं।

प्राधिकरण ने संबंधित कंपनियों से पूछा है कि उनके दावे किन वैज्ञानिक तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित हैं। साथ ही उन्हें लेबलिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

No Added Sugar’ के नाम पर उपभोक्ताओं को भ्रमित करने का आरोप

जांच के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा “No Added Sugar” दावे को लेकर हुई। एक लोकप्रिय मैंगो फ्रूट ड्रिंक के पैकेट पर बड़े अक्षरों में “No Added Sugar” लिखा गया था। हालांकि सामग्री सूची की जांच में पाया गया कि उत्पाद में बड़ी मात्रा में गन्ने का रस मौजूद था, जो प्राकृतिक रूप से शर्करा का प्रमुख स्रोत है।

FSSAI का कहना है कि आम उपभोक्ता “No Added Sugar” देखकर यह मान सकता है कि उत्पाद में चीनी की मात्रा बहुत कम है या बिल्कुल नहीं है, जबकि वास्तविकता में उसमें पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक शर्करा मौजूद हो सकती है। इसलिए ऐसे दावों को स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत करना आवश्यक है।

Natural’ शब्द के इस्तेमाल पर भी सख्ती

नियामक ने “Natural” और “100% Natural” जैसे दावों पर भी सवाल उठाए हैं। FSSAI के अनुसार, यदि कोई उत्पाद वास्तव में प्राकृतिक है तो कंपनी को यह साबित करना होगा कि उसकी निर्माण प्रक्रिया, सामग्री और गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है।

विशेष रूप से कुछ डेयरी उत्पादों पर “Natural Paneer” जैसे दावों को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। FSSAI का मानना है कि पनीर एक प्रोसेस्ड खाद्य उत्पाद है और उसके लिए “नेचुरल” शब्द का उपयोग उपभोक्ताओं के बीच गलत धारणा पैदा कर सकता है।

बच्चों के पसंदीदा उत्पाद भी जांच के घेरे में

नियामक की कार्रवाई का दायरा केवल जूस और डेयरी उत्पादों तक सीमित नहीं रहा। बच्चों में लोकप्रिय कुछ चॉकलेट, स्नैक और हेल्थ ड्रिंक उत्पादों के पैकेट पर किए गए स्वास्थ्य संबंधी दावों की भी जांच की गई। कुछ उत्पादों पर “Rich in Vitamins”, “Healthy Choice” और “Growth Support” जैसे दावे पाए गए, जिनकी सत्यता और वैज्ञानिक आधार की समीक्षा की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों से जुड़े उत्पादों पर किए गए दावों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है क्योंकि अभिभावक अक्सर इन्हीं दावों के आधार पर खरीदारी करते हैं।

उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी

खाद्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले केवल पैकेट के सामने लिखे आकर्षक शब्दों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उपभोक्ताओं को सामग्री सूची (Ingredients), पोषण संबंधी जानकारी (Nutrition Facts) और प्रमाणन संबंधी विवरण अवश्य पढ़ना चाहिए।

“Natural”, “Organic”, “No Added Sugar” या “Healthy” जैसे शब्द हमेशा यह सुनिश्चित नहीं करते कि उत्पाद वास्तव में स्वास्थ्य के लिए बेहतर ही होगा। कई बार ये केवल विपणन रणनीति का हिस्सा भी हो सकते हैं।

खाद्य उद्योग को स्पष्ट संदेश

FSSAI की इस कार्रवाई को खाद्य उद्योग के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। नियामक ने साफ कर दिया है कि उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले दावों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कंपनियों को अपने उत्पादों की ब्रांडिंग और विज्ञापन में पारदर्शिता रखनी होगी तथा हर दावे के पीछे ठोस वैज्ञानिक आधार प्रस्तुत करना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से खाद्य बाजार में जवाबदेही बढ़ेगी, उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा और कंपनियां भी उत्पादों की सही जानकारी देने के लिए अधिक जिम्मेदार बनेंगी। आने वाले दिनों में खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और विज्ञापन दावों की निगरानी और सख्त होने की संभावना है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय जानकारी मिल सकेगी।

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