तकनीक के सहारे नोएडा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

 ‘मिशन सहयोग’ के तहत लौटाए चेहरे की मुस्कान बड़ी कार्रवाई: कमिश्नरेट पुलिस ने 4 साल में बरामद किए 23.55 करोड़ रुपये के 7,809 मोबाइल फोन हाईटेक पुलिसिंग: सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से ट्रेस हुई लोकेशन संबंधित खबरें सोने-चांदी की 1250 श्रीराम शिलाओं के गायब होने के आरोप से मचा बवाल, […]

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  • June 20, 2026 9:08 pm IST, Published 2 hours ago

 ‘मिशन सहयोग’ के तहत लौटाए चेहरे की मुस्कान

नोएडा : गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने आधुनिक तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के दम पर मोबाइल चोरी और गुमशुदगी के मामलों में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के कड़े निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत पिछले चार वर्षों में कुल 7,809 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल अनुमानित कीमत 23 करोड़ 55 लाख 80 हजार 450 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया और सत्यापन पूरा करने के बाद इन फोन्स को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया है।

दिसंबर 2022 से मई 2026 तक चला सघन ट्रैकिंग अभियान

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 दिसंबर 2022 से 31 मई 2026 के बीच जिले के विभिन्न थानों में दर्ज कराई गई शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की गई। इस पूरे ऑपरेशन में केंद्र सरकार के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल और साइबर सेल की इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। जैसे ही खोए हुए मोबाइलों को सक्रिय करने का प्रयास किया गया, पुलिस ने उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस कर ली। इस दौरान न सिर्फ फोन बरामद किए गए, बल्कि कई मामलों में पुलिस गिरोह के मुख्य आरोपियों तक भी पहुंची, जिनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है।

सिर्फ बातचीत नहीं, डेटा और सुरक्षा का था सवाल

मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन केवल बातचीत का जरिया नहीं रह गया है। इसमें आम नागरिकों के बैंकिंग ऐप्स, महत्वपूर्ण सरकारी व निजी दस्तावेज, निजी तस्वीरें और संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारियां सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में मोबाइल के चोरी या गुम होने पर व्यक्ति को न केवल बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि वह गहरे मानसिक तनाव से भी गुजरता है। इसी मानवीय और सुरक्षा पहलू को ध्यान में रखते हुए नोएडा पुलिस ने मोबाइल बरामदगी को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया।

‘मिशन सहयोग’ से सुदृढ़ हुआ पुलिस-पब्लिक समन्वय

बरामद किए गए इन कीमती मोबाइलों को समय-समय पर आयोजित होने वाले ‘मिशन सहयोग’ कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को वापस किया गया। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि ‘मिशन सहयोग’ का उद्देश्य महज सामान की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम जनता के भीतर खाकी के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने की एक अनूठी पहल है। अपना खोया हुआ कीमती फोन वापस पाकर कई पीड़ितों ने नोएडा पुलिस की मुस्तैदी और हाईटेक कार्यप्रणाली की खुले दिल से सराहना की है।

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