तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: मिडिल ईस्ट में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। ईरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड (खाताम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर) ने सरकारी टीवी पर आधिकारिक ऐलान करते हुए होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को दोबारा बंद कर दिया है। ईरान ने इस फैसले के पीछे अमेरिका और इजराइल द्वारा ‘शांति समझौते (MoU) के उल्लंघन’ और लेबनान में जारी इजराइली हमलों को मुख्य वजह बताया है।
शांति समझौते के 3 दिन बाद ही तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच 17-18 जून की दरमियानी रात को एक ऐतिहासिक शांति समझौता (इस्लामाबाद MoU) डिजिटल माध्यम से साइन हुआ था। इस समझौते की पहली शर्त के तहत होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए खोला गया था और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर हमले रोकने की बात थी।
सीजफायर के 8 घंटे बाद फिर हमला: डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता के बाद 19 जून की रात इजराइल और लेबनान (हिजबुल्लाह) के बीच सीजफायर का एलान हुआ था। लेकिन इसके महज 8 घंटे बाद ही संघर्ष दोबारा शुरू हो गया। अल जजीरा और लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के नबाहितए (Nabatieh) और बारिश इलाके में ड्रोन और तोपों से भीषण हमले किए, जिसमें एक ही परिवार के 4 लोगों और 1 सैनिक सहित कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 12 से ज्यादा घायल हुए हैं।
नेतन्याहू का कड़ा रुख: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि वे अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने एलान किया कि इजराइल गाजा और लेबनान में अपने सैन्य अभियानों को जारी रखेगा। इजराइली सेना का दावा है कि उन्होंने हिजबुल्लाह द्वारा सीजफायर के उल्लंघन (50 से ज्यादा रॉकेट दागने) के जवाब में यह कार्रवाई की है।
| क्र.सं. | मुख्य अपडेट | विवरण |
| 1 | अमेरिका-ईरान वार्ता टली | स्विट्जरलैंड में शुक्रवार को होने वाली दोनों देशों की पहली औपचारिक बातचीत टल गई है। लेबनान संकट पर मतभेदों के बावजूद ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुके हैं। |
| 2 | लेबनान में भारी तबाही | लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में हुए हमलों में कुल 47 लोग मारे गए हैं और 97 घायल हुए हैं। मार्च से अब तक मरने वालों का आंकड़ा 3,900 के पार पहुंच गया है। |
| 3 | होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ी थी हलचल | समझौते के बाद 18 जून को रिकॉर्ड 25 कमर्शियल जहाज इस रूट से गुजरे थे, जो अप्रैल के बाद सबसे बड़ी संख्या थी। हालांकि, अभी भी 500 से ज्यादा जहाज और 11 हजार नाविक खाड़ी में फंसे हैं। |
| 4 | डोनाल्ड ट्रम्प का बयान | अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका किसी मजबूरी में टेबल पर नहीं आया, बल्कि ईरान खुद आया है। उन्होंने साफ किया कि अगले 60 दिनों तक ईरान को अमेरिका से कोई आर्थिक राहत या पैसा नहीं मिलेगा। |
| 5 | पाकिस्तानी PM की डिप्लोमेसी | पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति बहाली के लिए कूटनीति और संवाद पर जोर दिया। |