ब्रिटेन की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। वर्ष 2024 में ऐतिहासिक जीत के साथ सत्ता में आई लेबर पार्टी के नेता स्टार्मर का कार्यकाल दो साल भी पूरा नहीं कर पाया। लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव, पार्टी के भीतर असंतोष और हालिया चुनावी झटकों के बीच उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लेबर पार्टी के बड़ी संख्या में सांसदों और कुछ वरिष्ठ नेताओं ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठाई थी। स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन और पार्टी की गिरती लोकप्रियता को लेकर स्टार्मर की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े किए जा रहे थे। इसी पृष्ठभूमि में उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हुईं और अंततः उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
अपने संबोधन में स्टार्मर ने कहा कि उन्होंने पार्टी और देश के हित में यह फैसला लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नए नेता के चुने जाने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा था। कई सांसदों ने सार्वजनिक रूप से नेतृत्व परिवर्तन की मांग की थी। स्थानीय चुनावों में पार्टी को अपेक्षा के अनुरूप सफलता नहीं मिली, जिससे पार्टी के भीतर यह बहस तेज हो गई कि अगले आम चुनाव से पहले नए चेहरे की जरूरत है।
अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया। विपक्ष और पार्टी के असंतुष्ट नेताओं ने भी इन मुद्दों को लेकर स्टार्मर पर दबाव बनाया। ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था में प्रधानमंत्री का चयन सीधे जनता नहीं करती, बल्कि संसद में बहुमत रखने वाली पार्टी अपने नेता को प्रधानमंत्री चुनती है। ऐसे में लेबर पार्टी के नए नेता के चयन के बाद वही देश का अगला प्रधानमंत्री बनेगा।
फिलहाल कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें एंडी बर्नहम को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। स्टार्मर का इस्तीफा इस बात का भी संकेत है कि ब्रिटेन में पिछले एक दशक से राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है। उनके साथ पिछले 10 वर्षों में इस्तीफा देने वाले प्रधानमंत्रियों की संख्या छह तक पहुंच गई है।