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लेह-लद्दाख के महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

लेह, लद्दाख। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर लेह-लद्दाख स्थित महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर (MIMC) को एक ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए विनर्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। यह सम्मान दुनिया की सबसे ऊँची योग डेस्टिनेशन, नुब्रा वैली के सियाचिन बेस कैंप में पहली बार ‘इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ योग एंड मेडिटेशन’ […]

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  • June 22, 2026 11:59 pm IST, Published 1 hour ago

लेह, लद्दाख। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर लेह-लद्दाख स्थित महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर (MIMC) को एक ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए विनर्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। यह सम्मान दुनिया की सबसे ऊँची योग डेस्टिनेशन, नुब्रा वैली के सियाचिन बेस कैंप में पहली बार ‘इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ योग एंड मेडिटेशन’ (IFYM) के तहत विशाल योग एवं ध्यान शिविर आयोजित करने के लिए प्रदान किया गया।

  • दुनिया की सबसे ऊँची योग डेस्टिनेशन नुब्रा वैली के सियाचिन बेस कैंप में पहली बार ‘इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ योग एंड मेडिटेशन (IFYM)’ के सफल आयोजन पर विनर्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर के संस्थापक एवं आध्यात्मिक निदेशक वेन भिक्खु संघसेना के मार्गदर्शन में, भारतीय सेना के सहयोग से 19 जून 2026 को समुद्र तल से लगभग 12,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित सियाचिन बेस कैंप में बड़े पैमाने पर योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में IFYM 2026 का प्रमुख आकर्षण रहा और इसने विश्व स्तर पर एक नया इतिहास रचा।

इस उपलब्धि के लिए विनर्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के चेयरमैन डॉ. ईशा अग्रवाल (मिस इंडिया) एवं प्रेसिडेंट डॉ. दीपक हरके ने लेह स्थित महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर में आयोजित एक समारोह में वेन भिक्खु संघसेना को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी उषा दीदी, सियाचिन बेस कैंप के कमांडर कर्नल मुकेश पांडे तथा बेंगलुरु स्थित ‘श्वास योग संस्थान’ के संस्थापक एवं प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु श्वास गुरु स्वामी वचनानंद सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने इस ऐतिहासिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि अत्यंत विषम भौगोलिक परिस्थितियों में आयोजित यह कार्यक्रम योग, ध्यान और वैश्विक शांति के संदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना है। यह उपलब्धि न केवल लद्दाख बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

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