पेरिस। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया भर में जहां नौकरियों के खत्म होने की आशंकाएं जताई जा रही हैं, वहीं अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस ने इस बहस को नई दिशा देते हुए बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि AI इंसानों की नौकरियां छीनने के बजाय नए अवसर पैदा करेगा और भविष्य में दुनिया को कर्मचारियों की कमी (वर्कर शॉर्टेज) जैसी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
पेरिस में आयोजित प्रतिष्ठित VivaTech 2026 सम्मेलन में बोलते हुए बेजोस ने कहा कि तकनीकी क्रांति का इतिहास बताता है कि हर नई तकनीक के आने पर लोगों के मन में रोजगार को लेकर डर पैदा होता है। लेकिन समय के साथ वही तकनीक नए उद्योग, नए व्यवसाय और लाखों रोजगार के अवसर भी पैदा करती है। उनके अनुसार AI भी इसी दिशा में काम करेगा।
बेजोस ने कहा कि AI को केवल नौकरी खत्म करने वाली तकनीक के रूप में देखना गलत होगा। यह इंसानों की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ाने वाला उपकरण है, जो जटिल समस्याओं का समाधान खोजने, उत्पादकता बढ़ाने और नए इनोवेशन को जन्म देने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में समस्याओं और जरूरतों की कोई कमी नहीं है। जैसे-जैसे AI लोगों को अधिक सक्षम बनाएगा, वैसे-वैसे नए विचारों और व्यवसायों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे अधिक कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज कई लोग अच्छे बिजनेस आइडिया होने के बावजूद संसाधनों, तकनीकी ज्ञान या समय की कमी के कारण उन्हें वास्तविकता में नहीं बदल पाते। AI इन बाधाओं को कम करेगा और उद्यमिता को बढ़ावा देगा। इससे नए स्टार्टअप, नई कंपनियां और रोजगार के नए क्षेत्र विकसित होंगे।
हालांकि बेजोस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया की कई बड़ी कंपनियां AI आधारित ऑटोमेशन को तेजी से अपना रही हैं। कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या कम करने या भर्ती प्रक्रिया धीमी करने जैसे कदम भी उठाए हैं। इसके चलते कर्मचारियों के बीच यह चिंता बढ़ी है कि AI भविष्य में उनकी नौकरियों के लिए खतरा बन सकता है।
इस पर बेजोस का कहना है कि AI कुछ पारंपरिक भूमिकाओं को जरूर बदल सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से मानव श्रम का विकल्प नहीं बन सकता। उनका मानना है कि भविष्य में कर्मचारियों की भूमिका बदलेगी, लेकिन उनकी आवश्यकता खत्म नहीं होगी। AI लोगों को दोहराए जाने वाले कार्यों से मुक्त करेगा, जिससे वे अधिक रचनात्मक, रणनीतिक और मूल्यवान कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि AI का प्रभाव हर क्षेत्र में समान नहीं होगा। कुछ नौकरियां बदलेंगी, कुछ खत्म होंगी और कई नई नौकरियां पैदा होंगी। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती कर्मचारियों को नए कौशल (Reskilling) और उन्नत प्रशिक्षण (Upskilling) के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार करना होगी।
फिलहाल AI को लेकर दुनिया दो मतों में बंटी हुई है, लेकिन जेफ बेजोस का यह बयान निश्चित रूप से चर्चा का विषय बन गया है। उनका विश्वास है कि AI मानव क्षमता को बढ़ाने वाली तकनीक साबित होगी, जो अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। ऐसे में आने वाले वर्षों में सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, बल्कि योग्य कर्मचारियों की कमी हो सकती है।