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ऑपरेशन सिंदूर: पहली बार सामने आए भारत के 6 जांबाज शहीदों के नाम

नेशनल वॉर मेमोरियल की ‘वॉल ऑफ ऑनर’ में हुए शामिल नई दिल्ली। भारतीय सेना और वायु सेना द्वारा पिछले साल पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में घुसकर की गई ऐतिहासिक कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को लेकर केंद्र सरकार ने आज एक बड़ा और भावुक कर देने वाला फैसला लिया है। इस सैन्य अभियान […]

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Gauravshali Bharat News
  • June 26, 2026 5:42 pm IST, Published 18 minutes ago

नेशनल वॉर मेमोरियल की ‘वॉल ऑफ ऑनर’ में हुए शामिल

नई दिल्ली। भारतीय सेना और वायु सेना द्वारा पिछले साल पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में घुसकर की गई ऐतिहासिक कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को लेकर केंद्र सरकार ने आज एक बड़ा और भावुक कर देने वाला फैसला लिया है। इस सैन्य अभियान के दौरान अपनी जान की बाजी लगाने वाले भारत मां के 6 अमर सपूतों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए गए हैं।

इन सभी जांबाज शहीदों के नामों को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) की वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ और स्मारक के ‘त्याग चक्र’ की 3D वॉल पर हमेशा-हमेशा के लिए अंकित कर दिया गया है। ‘त्याग चक्र’ की ग्रेनाइट की दीवारों पर अब इन वीरों के नाम, रैंक और उनकी यूनिट देशवासियों को हमेशा उनके सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाते रहेंगे।

ये हैं ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के 6 अमर शहीद और उनकी यूनिट्स

इस गुप्त और बेहद खतरनाक ऑपरेशन में भारतीय थलसेना के 5 और वायु सेना का 1 जवान शहीद हुआ था। अब इनके नाम आधिकारिक तौर पर सामने आ चुके हैं:

  1. सूबेदार मेजर पवन कुमार – हेडक्वार्टर 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड

  2. राइफलमैन सुनील कुमार (मरणोपरांत ‘वीर चक्र’) – 4 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री

  3. लांस नायक दिनेश कुमार – 5 फील्ड रेजिमेंट

  4. एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरलीनायक – 851 लाइट रेजिमेंट

  5. हवलदार सुनील कुमार सिंह – 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी

  6. सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (मरणोपरांत ‘वायु सेना मेडल’) – 39 विंग, भारतीय वायु सेना

इस अभियान में अद्वितीय साहस दिखाने के लिए राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित वीरता सम्मान ‘वीर चक्र’ से नवाजा गया है, जबकि आसमान में दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को मरणोपरांत ‘वायु सेना मेडल’ से सम्मानित किया गया है।

क्यों शुरू हुआ था ‘ऑपरेशन सिंदूर’?

दरअसल, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने एक कायराना हमला किया था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों (टूरिस्टों) की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस नरसंहार का बदला लेने और आतंकियों के आकाओं को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना और वायु सेना ने एक संयुक्त महा-ऑपरेशन तैयार किया, जिसे नाम दिया गया—‘ऑपरेशन सिंदूर’

6-7 मई 2025 की दरमियानी रात को भारतीय जांबाजों ने सीमा पार पोक (PoK) और पाकिस्तान के भीतर मौजूद लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के 9 प्रमुख आतंकी लॉन्चपैड्स और ट्रेनिंग सेंटर्स को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। इस सटीक हमले (Precision Strikes) में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकवादी ढेर कर दिए गए थे।

जब 4 दिनों तक कांपा था पाकिस्तान, तबाह हुए थे एयरबेस

इस अचूक हमले के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की थी, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार 4 दिनों तक भीषण हवाई युद्ध (Dogfight) और भारी गोलाबारी चली। भारत के कड़े रुख के आगे घुटने टेकते हुए आखिरकार 10 मई 2025 को दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) की बातचीत के बाद सीजफायर (शस्त्रसंधी) हुआ था।

इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायु सेना के शौर्य का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सैटेलाइट तस्वीरें बनाने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी मैक्सर (Maxar) ने बाद में कुछ तस्वीरें जारी की थीं। इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता था कि भारत के हमलों में पाकिस्तान के सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर जैसे कई प्रमुख मिलिट्री एयरबेस बुरी तरह तबाह हो गए थे।

आज जब इन 6 वीरों के नाम देश के सामने आए हैं, तो पूरा देश इन जांबाजों की शहादत और भारतीय सेना के इस शौर्य को सलाम कर रहा है।

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