सादुल्लानगर (बलरामपुर)। दसवीं मोहर्रम पर शुक्रवार को सादुल्लानगर क्षेत्र में अकीदत और गम के माहौल के बीच ताजियों का जुलूस निकाला गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विभिन्न गांवों से निकले ताजिए कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार दुलदुल और ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का माहौल रहा।
सादुल्लानगर, कम्मरपुर, गुमा फातिमाजोत, रामपुर अरना, मानीगढ़ा, लौकिया ताहिर, अचलपुर चौधरी, परसिया, अहरौला समेत आसपास के गांवों के ताजियादार जुलूस के साथ कर्बला पहुंचे। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिया बहुल मीरपुर गांव में गमगीन माहौल के बीच अज़ादारों ने या हुसैन की सदाओं के साथ जंजीरी मातम और कमां किया। मातमदारों की आंखों में कर्बला के शहीदों की याद का दर्द साफ झलक रहा था। वहीं कस्बे के कर्बला परिसर में लगे मेले में हजारों लोग पहुंचे। बच्चों और महिलाओं ने झूलों का आनंद लिया, जबकि खाने-पीने की दुकानों पर भी दिनभर भीड़ रही। गम और मेले की रौनक का यह संगम पूरे दिन क्षेत्र में देखने को मिला।
थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि ताजियों का सुपुर्द-ए-खाक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
रमेश कुमार शर्मा। गौरवशाली भारत