लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव के बीच हुई मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई इंदिरा नहर रोड क्षेत्र में उस समय हुई, जब एसटीएफ की टीम लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की तलाश में पहुंची थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी।
घायल अवस्था में संजय को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। मुठभेड़ के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक संजय उर्फ संजीव लंबे समय से विभिन्न गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, अवैध हथियार और अन्य संगीन धाराओं में कई मुकदमे दर्ज थे। लगातार फरार रहने के कारण उस पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एसटीएफ को आरोपी की गतिविधियों की लगातार सूचना मिल रही थी। खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और उसे पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार जब टीम ने आरोपी को घेरने का प्रयास किया तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद आत्मरक्षा में एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से एक अवैध हथियार, कारतूस और अन्य सामान बरामद किए हैं। बरामद सामग्री को जांच के लिए फोरेंसिक टीम के हवाले कर दिया गया है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी कब्जे में ली है, ताकि पूरे घटनाक्रम का तकनीकी विश्लेषण किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संजय उर्फ संजीव एक सक्रिय अपराधी था और उसके खिलाफ विभिन्न जिलों में कई मामले दर्ज थे। उस पर लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजर थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ की जांच नियमानुसार कराई जाएगी। साथ ही बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों की भी विस्तृत जांच होगी।
प्रदेश में हाल के वर्षों में वांछित अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ और पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हुई है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध, रंगदारी और गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है।
हालांकि किसी भी पुलिस मुठभेड़ के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाती है। जांच में मुठभेड़ की परिस्थितियों, बरामद साक्ष्यों और पुलिस कार्रवाई के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाती है। पुलिस ने भी इस मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके को सुरक्षित कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और यातायात को सामान्य करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपी के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।