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अफगानिस्तान में भूकंप के बाद भारत तक डोली धरती, दिल्ली-एनसीआर और कश्मीर समेत कई शहरों में महसूस हुए तेज झटके

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  • June 27, 2026 10:46 pm IST, Published 25 minutes ago

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अफगानिस्तान में भूकंप के बाद भारत तक डोली धरती, दिल्ली-एनसीआर और कश्मीर समेत कई शहरों में महसूस हुए तेज झटके

नई दिल्ली: शनिवार देर शाम अफगानिस्तान क्षेत्र में आए एक शक्तिशाली भूकंप के झटके भारत के कई हिस्सों तक महसूस किए गए। राजधानी दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर और उत्तर भारत के कई शहरों में लोगों ने अचानक धरती हिलने का अनुभव किया। झटके महसूस होते ही कई लोग एहतियातन अपने घरों, कार्यालयों और ऊंची इमारतों से बाहर निकल आए। कुछ सेकंड तक चले इन झटकों के कारण लोगों में दहशत का माहौल बन गया, हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र के आसपास बताया जा रहा है, जो भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इस क्षेत्र में समय-समय पर मध्यम से तीव्र तीव्रता वाले भूकंप आते रहते हैं, जिनका असर भारत, पाकिस्तान और मध्य एशिया के कई हिस्सों तक महसूस किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप की गहराई अधिक होने के कारण इसके झटके दूर-दूर तक महसूस हुए।

दिल्ली-एनसीआर के नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में लोगों ने सोशल मीडिया पर भूकंप महसूस होने की जानकारी साझा की। कई लोगों ने बताया कि पंखे, खिड़कियां और घर का फर्नीचर कुछ सेकंड तक हिलता रहा। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने झटकों को अधिक तीव्रता से महसूस किया।

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, बारामूला, अनंतनाग और आसपास के क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। फिलहाल किसी भी बड़े नुकसान या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने भी हालात की निगरानी शुरू कर दी है। संबंधित विभागों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति का आकलन किया जा रहा है। यदि कहीं किसी प्रकार की क्षति की सूचना मिलती है तो राहत और बचाव दल तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

भूकंप विज्ञानियों का कहना है कि अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण अत्यधिक सक्रिय रहता है। इसी वजह से यहां आने वाले भूकंपों का प्रभाव उत्तर भारत के बड़े हिस्से में महसूस किया जाता है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाएं और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

भूकंप आने की स्थिति में लोगों को लिफ्ट का उपयोग करने से बचना चाहिए और यदि वे किसी इमारत के भीतर हों तो मजबूत मेज या दीवार के सहारे सुरक्षित स्थान पर रहें। खुले क्षेत्र में होने पर बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहना चाहिए। आफ्टरशॉक की संभावना को देखते हुए भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार भारत में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन विभिन्न राज्यों से सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। यदि आगे कोई आधिकारिक अपडेट जारी होता है तो उसके आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।

भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सतर्कता और सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप का पूर्वानुमान लगाना अभी संभव नहीं है, इसलिए लोगों को आपदा प्रबंधन से जुड़े सुरक्षा उपायों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं और नागरिकों से शांत रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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