चंबा : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। जिले के चुराह उपमंडल में नकरोड़-हिमगिरी डैम सड़क मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर लगभग 300 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए तथा शवों को खाई से बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त कार चुराह क्षेत्र से गुजर रही थी। इसी दौरान एक तीखे मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने तेज आवाज सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई और तत्काल पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों ने भी राहत कार्य में प्रशासन की मदद की।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गहरी खाई और दुर्गम इलाके के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद वाहन तक पहुंचकर उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक चारों की मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा उनके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में वाहन का संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है, हालांकि तकनीकी खराबी, तेज रफ्तार या सड़क की स्थिति सहित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। दुर्घटनाग्रस्त वाहन का भी तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा ताकि हादसे की सही वजह सामने आ सके।
चुराह क्षेत्र का यह सड़क मार्ग पहाड़ी और घुमावदार होने के कारण पहले भी कई दुर्घटनाओं का गवाह बन चुका है। बरसात के मौसम में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर कई स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और संवेदनशील स्थानों पर मजबूत पैरापेट, क्रैश बैरियर तथा चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है।
हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रशासन ने भी लोगों से पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में तीखे मोड़ों पर गति नियंत्रित रखना, वाहन की नियमित जांच कराना और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करना बेहद जरूरी है।
राज्य में हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। विशेष रूप से पहाड़ी जिलों में गहरी खाइयों, संकरी सड़कों और तीखे मोड़ों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सुरक्षित ड्राइविंग और बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।