अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में हेराफेरी व चोरी के मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले से जुड़े मुख्य अपडेट्स इस प्रकार हैं:
जेल भेजे गए 8 आरोपी: चढ़ावे की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों (जिनमें मुख्य रूप से चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव सहित नोट गिनने और दानपात्र की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी शामिल हैं) को कोर्ट में पेश किया गया।
रिमांड की मांग नहीं: पुलिस ने फिलहाल आरोपियों की कस्टडी रिमांड की मांग नहीं की, जिसके बाद अदालत ने सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।
भारी बरामदगी: एसआईटी और पुलिस की अब तक की ताबड़तोड़ छापेमारी में आरोपियों के घरों और परिसरों से लगभग 80 लाख रुपये नकद और विदेशी मुद्राएं बरामद की जा चुकी हैं।
एसबीआई ब्रांच पहुंची पुलिस: सोमवार सुबह पुलिस की टीम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अयोध्या धाम ब्रांच पहुंची।
बैंक खातों की पड़ताल: सात आरोपियों के खाते इसी शाखा में हैं। पुलिस उनके बैंक स्टेटमेंट खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मंदिर में नौकरी लगने के बाद से उनके खातों में कितना अवैध पैसा आया।
नोटिस जारी: पुलिस ने बैंक के दो कर्मचारियों को भी नोटिस जारी कर पूछताछ के दायरे में लिया है।
बयान दर्ज: मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पूर्व पदाधिकारियों— चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को पुलिस व एसआईटी जांच का सामना करना पड़ा है। पुलिस ने तीनों के बयान दर्ज किए हैं, जिसके बाद चंपत राय दिल्ली रवाना हो गए।
140 लोगों के बयान: इस पूरे घोटाले की परतें खोलने के लिए पुलिस कुल 140 लोगों के बयान दर्ज करने की तैयारी में है।
वकीलों का बहिष्कार: अयोध्या के वकीलों ने एक बड़ी बैठक कर सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है कि चढ़ावा चोरी के इन आरोपियों का केस अयोध्या का कोई भी वकील नहीं लड़ेगा। साथ ही वकीलों ने चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के अयोध्या छोड़ने की मांग की है, ऐसा न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका: इस बीच, सीबीआई जांच की मांग को लेकर वकील अनूप अवस्थी द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में इतनी जल्दी क्या है, याचिका पर सुनवाई अदालती छुट्टियों के बाद ही की जाएगी।