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CBSE का बड़ा फैसला: तीसरी भाषा में नहीं होगी 10वीं बोर्ड परीक्षा

थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर नई गाइडलाइन जारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत ‘थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी’ (त्रि-भाषा फॉर्मूला) को लागू करने को लेकर सोमवार को नई गाइडलाइन जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि तीसरी भाषा का मूल्यांकन अब स्कूलों द्वारा ही किया जाएगा और 10वीं बोर्ड परीक्षा […]

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Gauravshali Bharat News
  • June 29, 2026 6:24 pm IST, Published 42 minutes ago

थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर नई गाइडलाइन जारी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत ‘थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी’ (त्रि-भाषा फॉर्मूला) को लागू करने को लेकर सोमवार को नई गाइडलाइन जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि तीसरी भाषा का मूल्यांकन अब स्कूलों द्वारा ही किया जाएगा और 10वीं बोर्ड परीक्षा में इसका कोई अलग पेपर नहीं होगा।

विस्तृत दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:

📌 मौजूदा छात्रों के लिए नियम और छूट

  • 10वीं के छात्रों पर असर नहीं: बोर्ड ने साफ किया है कि मौजूदा 10वीं कक्षा के छात्रों पर यह पॉलिसी लागू नहीं होगी।

  • 7वीं, 8वीं और 9वीं के लिए राहत: अभी जो छात्र 7वीं, 8वीं और 9वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं, उन्हें 10वीं में पहुँचने पर तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम नहीं देना होगा।

  • सत्र 2026-27 के लिए विशेष छूट: शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जो छात्र पहले से 9वीं कक्षा में हैं, उन्हें एक बार की विशेष छूट दी गई है। ऐसे छात्र अपनी दो विदेशी भाषाएं पढ़ना जारी रख सकते हैं, बस उन्हें तीसरी भाषा के रूप में एक ‘भारतीय भाषा’ जोड़नी होगी। इस तीसरी भाषा का पेपर 10वीं बोर्ड में नहीं होगा, बल्कि स्कूल स्तर पर ही इसका मूल्यांकन (Internal Assessment) किया जाएगा।

🎯 6वीं कक्षा के नए बैच से पूरी तरह बदलेंगे नियम

  • तीन भाषाएं अनिवार्य: CBSE के अनुसार, सत्र 2026-27 में कक्षा 6 में प्रवेश लेने वाले नए बैच और उसके बाद के सभी आगामी बैचों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा।

  • दो भारतीय भाषाएं जरूरी: इन तीन भाषाओं में से दो भाषाओं का ‘भारतीय’ होना अनिवार्य किया गया है।

  • बोर्ड परीक्षा: यही नए नियम वाले छात्र जब भविष्य में 10वीं कक्षा में पहुंचेंगे, तब उन्हें तीसरी भाषा की भी बोर्ड परीक्षा देनी होगी।

🌍 विशेष परिस्थितियों के लिए नियम

  • दूसरे राज्य में जाने पर: जो छात्र पढ़ाई के सिलसिले में किसी दूसरे राज्य में जाएंगे, वे मिडिल स्टेज से लेकर 9वीं कक्षा तक अपनी मौजूदा तीसरी भाषा (R3) को ही आगे जारी रख सकेंगे।

  • विदेश में स्थित स्कूलों के लिए: विदेशों में स्थित CBSE स्कूलों और भारत लौटने वाले विदेशी छात्रों को तीसरी भाषा के रूप में भारतीय भाषा पढ़ने की बाध्यता से छूट दी गई है।

  • दिव्यांग छात्र: दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले छात्रों (CWSN) को पहले से तय नियमों के अनुसार ही नियमानुसार राहत मिलती रहेगी।

📚 स्कूलों के लिए संसाधन और व्यवस्था

बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए मौजूदा शिक्षकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, सहोदया क्लस्टर और हाइब्रिड टीचिंग जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही, NCERT और CBSE मिलकर कक्षा-वार अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराएंगे। कक्षा 6 के लिए तीसरी भाषा की किताबें 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में पूरी तरह तैयार हैं।

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