भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना: देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिला-जुला रूप देखने को मिल रहा है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के कई इलाकों में जहां प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है, वहीं छह राज्यों में भीषण गर्मी और उमस का कहर बना हुआ है। दिल्ली और हरियाणा के कई हिस्सों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया है।
उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री के लिए सिस्टम सक्रिय हो गया है। सोमवार को लखनऊ समेत 15 जिलों में झमाझम बारिश हुई। मिर्जापुर में बारिश के बाद अंडरपास में करीब 3 फीट पानी भर गया।
फिरोजाबाद हादसा: जिले के एक गांव में ई-रिक्शा पर नीम का एक बड़ा पेड़ गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
बिजली गिरने से मौत: बस्ती और महराजगंज में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) से 2 लोगों की जान चली गई।
बिहार: राज्य के 15 जिलों में सोमवार को तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। सीतामढ़ी, मुंगेर और पटना में आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, वहीं 24 लोग झुलसकर घायल हो गए।
छत्तीसगढ़: सरगुजा में सोमवार शाम बिजली गिरने की चपेट में आने से 2 बच्चों और एक युवक की दुखद मौत हो गई।
मध्य प्रदेश: सोमवार को राज्य के 12 जिलों में बारिश हुई।
मानसून ने 24 जून को मध्य प्रदेश और गुजरात में दस्तक दी थी। इसके बाद से यह देश के 22 राज्यों को कवर कर चुका है, लेकिन फिलहाल इसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 जुलाई तक मानसून के पूरे देश को कवर करने की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश और असम के कई हिस्सों में लगातार मूसलाधार बारिश से बाढ़ और लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के हालात बने हुए हैं।
एनएच-515 जलमग्न: अरुणाचल में बारिश के चलते लेकू नदी उफान पर आ गई, जिससे असम के जोनाई इलाके में भीषण बाढ़ आ गई और नेशनल हाईवे-515 पानी में डूब गया।
22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित: असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, राज्य के छह जिलों में 22 हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
धेमाजी सबसे ज्यादा प्रभावित: बाढ़ का सबसे बुरा असर धेमाजी जिले पर पड़ा है, जहां करीब 16 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य में 96 गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं, करीब 1690 हेक्टेयर फसलें और 48 हजार से ज्यादा मवेशी प्रभावित हुए हैं।