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जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां

 चुनिंदा इलाकों में 6 से 18 जुलाई तक होगा प्री-टेस्ट, 1931 के बाद पहली बार होगी जाति आधारित गणना नई दिल्ली: देश के चुनिंदा इलाकों में जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियों को परखने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा इन चुनिंदा क्षेत्रों में 6 जुलाई से 18 जुलाई 2026 […]

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  • June 30, 2026 9:56 am IST, Published 58 minutes ago

 चुनिंदा इलाकों में 6 से 18 जुलाई तक होगा प्री-टेस्ट, 1931 के बाद पहली बार होगी जाति आधारित गणना

नई दिल्ली: देश के चुनिंदा इलाकों में जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियों को परखने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा इन चुनिंदा क्षेत्रों में 6 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक जनगणना के दूसरे चरण का प्री-टेस्ट (पूर्व परीक्षण) आयोजित करवाया जाएगा।

गजट आदेश के अनुसार, प्री-टेस्ट 6 से 18 जुलाई तक चलेगा, जबकि 19 और 20 जुलाई को पुनरीक्षण (रिवीजन) का काम किया जाएगा। इसके साथ ही, 1 से 5 जुलाई तक नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। जनगणना विभाग मुख्य अभियान से पहले अपने डिजिटल ऐप और सिस्टम की सटीकता जांचने के लिए इस तरह के पूर्वाभ्यास (प्री-टेस्ट) करता है।

जनगणना और फील्ड विजिट से जुड़े मुख्य बिंदु

  • दो चरणों में प्रक्रिया: देश में जनगणना का कार्य दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में मकानों की सूची और गणना की जाती है, जिसके बाद दूसरे चरण में लोगों की गिनती होती है। आजादी के बाद से यह देश की आठवीं जनगणना है।

  • मकानों की गणना: कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाउसलिस्टिंग (घरों की गणना) के लिए फील्ड विजिट का काम 16 अप्रैल से जारी है, जो 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान अधिकारी देशभर के सभी घरों की सूची तैयार करेंगे ताकि जनगणना की गिनती के लिए एक मजबूत आधार मिल सके।

  • हिमपात वाले क्षेत्रों में कार्यक्रम: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के कुछ विशेष क्षेत्रों और हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के बर्फबारी वाले इलाकों में मकानों की गणना इसी साल सितंबर में पूरी की जाएगी।

  • अगले साल मुख्य चरण की संभावना: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों को छोड़कर पूरे देश में जनगणना का दूसरा चरण अगले साल फरवरी में शुरू होने की संभावना है।

1931 के बाद पहली बार होगी जाति जनगणना

जनगणना के दूसरे चरण के दौरान हर घर के नागरिकों से जुड़ी जनसांख्यिकीय, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक पैमानों पर विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। इस बार जनगणना के दूसरे चरण में जाति आधारित गणना भी की जाएगी। गौरतलब है कि देश में विस्तृत जाति आधारित गणना 1931 के बाद पहली बार करवाई जा रही है।

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