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चलती-फिरती AI लैब से बदलेगी गांव के बच्चों की पढ़ाई, छत्तीसगढ़ में नई पहल

रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में ‘भावना दीदी की विज्ञान पाठशाला’ मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अनूठी पहल का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज़ के विद्यार्थियों तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, […]

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  • July 15, 2026 5:21 pm IST, Published 44 minutes ago

रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में ‘भावना दीदी की विज्ञान पाठशाला’ मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अनूठी पहल का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज़ के विद्यार्थियों तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन और अन्य उभरती तकनीकों की शिक्षा पहुंचाना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पांडरिया की विधायक भावना बोहरा की सराहना करते हुए कहा कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र में लगातार नवाचार आधारित योजनाएं लागू कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी उन्होंने कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क बस सेवा शुरू कर शिक्षा को आसान बनाया था और अब तकनीकी शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने की नई शुरुआत की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक तकनीकों का है। ऐसे समय में बच्चों को शुरुआती स्तर से ही नई तकनीकों से परिचित कराना बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ तैयार की गई यह मोबाइल विज्ञान पाठशाला एक चलती-फिरती आधुनिक प्रयोगशाला है, जिसमें विद्यार्थियों को व्यवहारिक तरीके से नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस विशेष बस में पांच प्रमुख उभरती तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिजिटल इनोवेशन और अन्य आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों की जानकारी छात्रों को दी जाएगी। विशेष रूप से मिडिल स्कूल और हाई स्कूल के विद्यार्थियों को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ने पर जोर रहेगा, ताकि वे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अपने कौशल विकसित कर सकें।

सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अक्सर आधुनिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी संसाधनों तक पहुंच नहीं मिल पाती। ऐसे में यह मोबाइल लैब स्कूलों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को वही सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, जो बड़े शहरों के आधुनिक शिक्षण संस्थानों में मिलती हैं।

इस तरह की पहल न केवल छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करेगी, बल्कि उन्हें भविष्य के रोजगार और स्टार्टअप आधारित अवसरों के लिए भी तैयार करेगी। AI और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए शुरुआती स्तर पर तकनीकी शिक्षा छात्रों के लिए बड़ा लाभ साबित हो सकती है।राज्य सरकार का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाना और नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। यह मोबाइल विज्ञान पाठशाला हजारों विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी और छत्तीसगढ़ को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

 

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