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सीएम रेखा गुप्ता बोलीं, जनसेवा हमारी जिम्मेदारी और संस्कार दोनों हैं

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने […]

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  • August 5, 2026 1:50 pm IST, Published 52 minutes ago

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और हर नागरिक को न्याय, सम्मान तथा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

जनसुनवाई कार्यक्रम में राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी स्थानीय और व्यक्तिगत समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इनमें नागरिक सुविधाओं, आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, जल आपूर्ति, सड़क, बिजली तथा अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को प्रत्येक मामले पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जब कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर सरकार के पास आता है, तो वह केवल समाधान ही नहीं, बल्कि विश्वास और उम्मीद भी लेकर आता है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर मामले का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निस्तारण किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों पर नियमित निगरानी रखी जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका समाधान किया जाए। साथ ही, जिन मामलों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता हो, वहां संबंधित एजेंसियां मिलकर काम करें ताकि लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार के लिए जनसेवा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक संस्कार भी है। उन्होंने दोहराया कि शासन की हर योजना और निर्णय का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। इसी सोच के साथ सरकार अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखकर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद बेहद महत्वपूर्ण होता है। जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर देते हैं और इससे प्रशासन की जवाबदेही भी मजबूत होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान बिना किसी देरी के हो सके।

कार्यक्रम के दौरान कई नागरिकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं साझा कीं और त्वरित कार्रवाई के निर्देश मिलने पर संतोष भी व्यक्त किया। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की प्रगति से समय-समय पर अवगत कराया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और लोगों का विश्वास मजबूत हो।

सरकार का मानना है कि बेहतर प्रशासन वही है, जहां आम नागरिक की आवाज़ सीधे निर्णय प्रक्रिया तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से जनसेवा सदन को नागरिक संवाद का प्रभावी मंच बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी के विकास के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की समस्याओं का समाधान भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

जनसुनवाई कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर गंभीरता से काम किया जाएगा और किसी भी नागरिक को न्याय एवं मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन स्थापित करना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और विश्वास सर्वोपरि रहे।

 

 

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