नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के सेंट्रल जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। एस.एन. मार्ग थाना क्षेत्र के अजमेरी गेट स्थित एक मकान पर की गई छापेमारी में 8 युवतियों समेत कई युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा, शराब, नशीले पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध गतिविधियों के संचालन की सूचना मिल रही थी। शिकायतों और खुफिया जानकारी के आधार पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से मकान पर छापा मारा गया। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन टीम ने सभी को घेरकर हिरासत में ले लिया।
जांच के दौरान पुलिस को 8 युवतियां मिलीं, जिनमें एक नाबालिग लड़की भी शामिल बताई जा रही है। नाबालिग के मिलने से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसे यहां किस परिस्थिति में लाया गया और क्या उसे किसी दबाव या लालच के जरिए इस नेटवर्क से जोड़ा गया था। बाल संरक्षण कानूनों के तहत भी मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस कथित रैकेट का संचालन राहुल नामक व्यक्ति और उसकी पत्नी कुमारी द्वारा किया जा रहा था। वहीं गोपी राम परिहार, लूमकान्त पांडेय और आलिया पिंकी अरोड़ा पर प्रबंधन और संचालन में सहयोग करने का आरोप है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष साक्ष्यों के आधार पर ही निकाले जाएंगे।
छापेमारी के दौरान करीब 1.97 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा, गांजा, सेक्स वर्धक कैप्सूल, शराब की सैकड़ों बोतलें, बीयर कैन, कंडोम, चाकू तथा लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और डायरी बरामद की गई। पुलिस का मानना है कि बरामद सामग्री इस बात की ओर संकेत करती है कि यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और इसके माध्यम से बड़े स्तर पर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
जांच एजेंसियां अब जब्त किए गए मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क के तार दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों या शहरों तक फैले हुए थे या नहीं। इलेक्ट्रॉनिक डेटा से कई नए नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ जारी है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित या मजबूरी में इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराने की भी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां देखने को मिल रही थीं। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और अहम खुलासे होने की संभावना है।
(नोट : समाचार में उल्लिखित आरोप पुलिस की प्रारंभिक जांच और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। अंतिम सत्यता जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।)