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SBI कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका, ग्राहकों को डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल की सलाह

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर बैंकिंग ग्राहकों की चिंता बढ़ गई है। ऑल इंडिया स्टेट बैंक स्टाफ फेडरेशन द्वारा 25 और 26 मई को दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया है। इस हड़ताल का असर बैंक की शाखाओं में होने […]

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  • May 24, 2026 3:30 pm IST, Published 50 minutes ago

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर बैंकिंग ग्राहकों की चिंता बढ़ गई है। ऑल इंडिया स्टेट बैंक स्टाफ फेडरेशन द्वारा 25 और 26 मई को दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया है। इस हड़ताल का असर बैंक की शाखाओं में होने वाले कई जरूरी कामों पर पड़ सकता है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि आवश्यक सेवाओं को चालू रखने की पूरी कोशिश की जाएगी।

SBI की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, हड़ताल के दौरान शाखाओं में कर्मचारियों की संख्या कम हो सकती है, जिससे नकद निकासी, पासबुक अपडेट, चेक क्लियरेंस और अन्य शाखा आधारित सेवाओं में देरी देखने को मिल सकती है। बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे इस अवधि में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैंक ने स्पष्ट किया है कि ATM सेवाएं, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और योनो ऐप जैसी डिजिटल सुविधाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी। ग्राहकों से कहा गया है कि वे पैसे के लेन-देन और अन्य जरूरी कार्यों के लिए ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करें। SBI का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पूरी तरह सक्रिय हैं और हड़ताल के दौरान भी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

बताया जा रहा है कि इस हड़ताल के पीछे कर्मचारियों की कई मांगें हैं। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि बैंक में आउटसोर्सिंग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थायी नौकरियों पर असर पड़ रहा है। यूनियन का कहना है कि आउटसोर्सिंग के कारण ग्रामीण और पिछड़े वर्गों से आने वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं। इसके अलावा कर्मचारियों ने कार्यस्थल की स्थितियों और स्टाफ की कमी जैसे मुद्दों को भी उठाया है।

हड़ताल की घोषणा के बाद बैंकिंग क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। कई ग्राहकों ने सोशल मीडिया पर चिंता जाहिर की है कि यदि शाखाएं पूरी तरह प्रभावित होती हैं तो जरूरी वित्तीय कार्य अटक सकते हैं। खासतौर पर ऐसे ग्राहक जो अभी भी बैंक शाखाओं पर निर्भर हैं, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बैंक प्रबंधन का कहना है कि सेवाओं को सामान्य बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अधिकारियों को शाखाओं में तैनात करने और जरूरी कार्यों को प्राथमिकता देने की योजना बनाई गई है ताकि ग्राहकों को कम से कम परेशानी हो। इसके साथ ही बैंक ने लोगों से अपील की है कि वे पहले से अपने जरूरी बैंकिंग कार्य पूरे कर लें।

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पहले की तुलना में हड़ताल का असर कुछ कम हो सकता है, लेकिन ग्रामीण इलाकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए शाखा सेवाएं अभी भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में दो दिन की हड़ताल का असर लाखों ग्राहकों पर दिखाई दे सकता है।

SBI देशभर में करोड़ों ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराता है। ऐसे में कर्मचारियों की यह हड़ताल बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा मुद्दा बन गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं। फिलहाल ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे 25 और 26 मई से पहले अपने जरूरी बैंकिंग कार्य निपटा लें और डिजिटल सेवाओं का अधिक उपयोग करें।

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