नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक नए 8 लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की योजना पर काम तेज हो गया है। प्रस्तावित परियोजना के तहत यह हाई-स्पीड कॉरिडोर नोएडा के सेक्टर-94 (कालिंदी कुंज और ओखला बैराज क्षेत्र) से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के पास सेक्टर-150 और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र तक पहुंचेगा।
करीब 30 से 31 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। यह मार्ग यमुना नदी के किनारे-किनारे यमुना मार्जिनल बांध रोड के साथ बनाया जाएगा, जिससे मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
परियोजना को लेकर नोएडा प्राधिकरण में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में एक्सप्रेसवे के संभावित अलाइनमेंट और भूमि संबंधी आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर तीन प्रमुख स्थानों पर रोटरी और कनेक्टिविटी प्वाइंट विकसित करने का प्रस्ताव है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों को बेहतर सुविधा मिल सके।
NHAI के सलाहकारों ने बताया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। रिपोर्ट अंतिम रूप लेने से पहले पूरे प्रस्तावित रूट का विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके बाद भूमि अधिग्रहण और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी।
इस परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों यात्रियों को तेज, सुगम और कम समय वाला वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। साथ ही क्षेत्र की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।