नई दिल्ली: कनेक्टिविटी को और ज्यादा मजबूत और बेहतर बनाने के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग राजधानी को ग्रीन ट्रांसपोर्ट कैपिटल बनाने के अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। दिल्ली परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में माननीय परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने इंटीग्रेशन (समावेशी) और डेटा-आधारित योजना पर विशेष जोर देते हुए देवी इलेक्ट्रिक बसों के लिए चल रहे रूट रेशनलाइजेशन के काम में दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों के वर्षों के अनुभव को भी शामिल करने की बात कही है। माननीय परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रूट रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया में आईआईटी दिल्ली द्वारा किए जा रहे विस्तृत रूट विश्लेषण के साथ ही जमीनी आकलन को शामिल करना बेहद जरूरी है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) के अनुभवी ड्राइवरों, कंडक्टरों और बस डिपो प्रबंधकों के सुझावों से लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को और ज्यादा मजबूत और बेहतर बनाने के साथ यात्रियों के अनुभव में सुधार लाया जा सकता है। माननीय मंत्री ने आगे कहा कि हमारे DTC कर्मचारियों का अनुभव बेहद महत्वपूर्ण है, जिनकी विशेषज्ञता रूट रेशनलाइजेशन के अध्ययन को और अधिक बेहतर बनाएगी। इससे अधिक से अधिक यात्री पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सकेंगे, जिससे सड़कों पर भीड़ और जाम की समस्या कम होगी और प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
रूट रेशनलाइजेशन के लिए विस्तृत अध्ययन IIT दिल्ली द्वारा DTIDC के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत किया जा रहा है, जिससे दिल्ली के बस नेटवर्क को डेटा के आधार पर और ज्यादा बेहतर और प्रभावी बनाया जा सके। इस रूट रेशनलाइजेशन के तहत राजधानी दिल्ली के ईस्ट ज़ोन में 121 रूट, वेस्ट ज़ोन में 181 रूट, नॉर्थ ज़ोन में 194 रूट शामिल हैं, जबकि साउथ ज़ोन में रूट रेशनलाइजेशन का काम जारी है।
दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पहल की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने आगे बताया कि DTC की इंटर-स्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवाओं को यात्रियों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। वर्तमान में दिल्ली–बड़ौत, (उत्तर प्रदेश), दिल्ली–सोनीपत, दिल्ली–धारूहेड़ा, दिल्ली–पानीपत (हरियाणा) और नानकसर–गाजियाबाद बस टर्मिनल (उत्तर प्रदेश) जैसे प्रमुख रूट्स पर बस सेवाएं संचालित हो रही हैं।
परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इंटर-स्टेट इलेक्ट्रिक बसों को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया हमारे स्वच्छ और सतत परिवहन के विजन को और ज्यादा मजबूत करती है। अब हम दिल्ली से रेवाड़ी, दिल्ली से करनाल, दिल्ली से अलवर और दिल्ली से जेवर जैसे नए रूट्स पर जल्द सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहे हैं। माननीय मंत्री महोदय ने यह भी जानकारी दी कि परिवहन विभाग प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए बस सेवाएं शुरू करने की संभावनाओं पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है, ताकि नागरिकों को सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा का विकल्प उपलब्ध हो सकें। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सार्वजनिक परिवहन न केवल दैनिक आवागमन की जरूरतों को पूरा करे, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक यात्राओं को और भी बेहतर तरीके से अपना सहयोग और समर्थन दे सकें।