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₹370 बिरयानी विवाद पर हिमांशु जांगरा की सफाई: “जो कहानी सुनाई थी, वह सिर्फ मनोरंजन के लिए थी”

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से चर्चा के केंद्र में बना “₹370 बिरयानी विवाद” अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस विवाद के मुख्य किरदार हिमांशु जांगरा ने पहली बार खुलकर पूरे मामले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्वीकार किया कि कॉमेडी शो के दौरान सुनाई गई कहानी पूरी […]

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  • June 14, 2026 4:30 pm IST, Published 4 hours ago

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से चर्चा के केंद्र में बना “₹370 बिरयानी विवाद” अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस विवाद के मुख्य किरदार हिमांशु जांगरा ने पहली बार खुलकर पूरे मामले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्वीकार किया कि कॉमेडी शो के दौरान सुनाई गई कहानी पूरी तरह सच नहीं थी और उसे केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया था। साथ ही उन्होंने अपने शब्दों और व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है।

दरअसल, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के एक शो का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में दर्शक के रूप में मौजूद हिमांशु जांगरा ने अपनी कथित डेटिंग से जुड़ा एक अनुभव साझा किया था। उन्होंने दावा किया था कि एक महिला के साथ डेट पर जाने के दौरान उन्होंने ₹370 की चिकन बिरयानी पर खर्च किए थे और इसके बदले में उन्हें कुछ उम्मीद थी। बातचीत के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा और महिलाओं के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों ने लोगों को नाराज कर दिया। देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसकी तीखी आलोचना शुरू हो गई।

विवाद बढ़ने के बाद हिमांशु जांगरा को सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने उनके बयान को महिलाओं के सम्मान और सहमति (कंसेंट) की अवधारणा के खिलाफ बताया। मामला इतना बढ़ गया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद सोशल मीडिया पर हिमांशु और कॉमेडियन प्रणित मोरे दोनों के खिलाफ व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली।

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान हिमांशु ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जो कहानी मंच पर सुनाई थी, वह वास्तविक घटना नहीं थी। उनके अनुसार, कॉमेडी शो के माहौल में दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए उन्होंने कहानी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था। हिमांशु ने कहा, “मैंने किसी वास्तविक लड़की या व्यक्ति के बारे में बात नहीं की थी। वह एक इम्प्रोवाइज्ड स्टोरी थी, जिसे केवल मनोरंजन के लिए बताया गया था। लेकिन जिस तरह से लोगों ने उसे लिया, उससे मुझे समझ आया कि मेरे शब्द गलत थे और मुझे उनका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था।”

हिमांशु ने यह भी बताया कि शुरुआत में उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह वीडियो इतना बड़ा विवाद खड़ा कर देगा। उन्होंने कहा कि लगभग एक सप्ताह तक उनके परिवार के अधिकांश लोगों को इस मामले की जानकारी नहीं थी। बाद में जब वीडियो तेजी से वायरल हुआ और मीडिया में इसकी चर्चा होने लगी, तब उनके रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों को इसके बारे में पता चला। उन्होंने बताया कि उनके चाचा ने फोन कर उन्हें इस मामले पर फटकार भी लगाई थी।

हिमांशु के अनुसार, उन्हें लगा था कि यह विवाद कुछ दिनों में शांत हो जाएगा, लेकिन इसके विपरीत मामला लगातार बढ़ता गया। सोशल मीडिया पर आलोचना के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई की खबरें भी सामने आने लगीं। उन्होंने कहा कि जब उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज होने लगीं और नौकरी पर भी असर पड़ा, तब उन्हें स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ।

इस पूरे विवाद का असर उनके पेशेवर जीवन पर भी पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस कंपनी में वे कार्यरत थे, वहां से उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। बताया जा रहा है कि विवाद के कारण कंपनी की छवि प्रभावित हो रही थी और कुछ कारोबारी साझेदारों ने भी आपत्ति जताई थी। हालांकि इस संबंध में कंपनी की ओर से विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।

विवाद के केंद्र में रहे कॉमेडियन प्रणित मोरे ने भी बाद में माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि शो के दौरान उन्हें तुरंत हस्तक्षेप कर आपत्तिजनक टिप्पणियों को रोकना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मंच पर मौजूद माहौल और दर्शकों की प्रतिक्रिया के बीच वे सही निर्णय नहीं ले पाए, जिसके लिए उन्हें खेद है।

उधर, इस मामले ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है। एक वर्ग का मानना है कि कॉमेडी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय या व्यक्ति के सम्मान को ठेस नहीं पहुंचाई जानी चाहिए। वहीं कुछ लोग इसे मनोरंजन के दौरान कही गई बातों को जरूरत से ज्यादा गंभीरता से लेने का उदाहरण भी बता रहे हैं।

फिलहाल हिमांशु जांगरा सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं और यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी कहानी वास्तविक नहीं थी। इसके बावजूद यह विवाद अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोग इस घटना को सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और डिजिटल युग में शब्दों के प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं। ₹370 की बिरयानी से शुरू हुआ यह मामला अब एक बड़े सामाजिक विमर्श का रूप ले चुका है, जिसने कॉमेडी की सीमाओं और सार्वजनिक जिम्मेदारी पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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