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ऑनलाइन डिस्काउंट का खेल बेनकाब! 9 बड़ी कंपनियों पर कार्रवाई

नई दिल्ली। ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले तथाकथित ‘डार्क पैटर्न’ (Dark Patterns) अपनाने के आरोप में Zepto, BookMyShow, Physics Wallah, IndiGo सहित नौ प्रमुख कंपनियों पर सख्त […]

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  • August 6, 2026 9:00 pm IST, Published 32 minutes ago

नई दिल्ली। ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले तथाकथित ‘डार्क पैटर्न’ (Dark Patterns) अपनाने के आरोप में Zepto, BookMyShow, Physics Wallah, IndiGo सहित नौ प्रमुख कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की है। इन कंपनियों पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया है और भविष्य में इस तरह की भ्रामक गतिविधियों से बचने की चेतावनी दी गई है।

सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को आकर्षक ऑफर, डिस्काउंट और सुविधाओं का लालच देकर ऐसे विकल्प दिखाए जा रहे थे, जिनसे उनकी जानकारी या स्पष्ट सहमति के बिना अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा था। इससे उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा था।

क्या होते हैं ‘डार्क पैटर्न’?

डार्क पैटर्न ऐसे डिजिटल डिज़ाइन या इंटरफेस होते हैं, जिन्हें इस तरह तैयार किया जाता है कि ग्राहक अनजाने में कोई ऐसा विकल्प चुन ले, जिससे कंपनी को फायदा हो और उपभोक्ता को नुकसान। उदाहरण के तौर पर बिना जानकारी के बिल में अतिरिक्त शुल्क जोड़ देना, पहले से किसी विकल्प को टिक करके रखना, नकली जल्दबाजी दिखाना, या डर पैदा करने वाले संदेश देकर किसी सेवा को खरीदने के लिए मजबूर करना।

CCPA ने वर्ष 2023 में ऐसे 13 प्रकार के डार्क पैटर्न की पहचान करते हुए इनके खिलाफ दिशा-निर्देश जारी किए थे।

Zepto पर सबसे बड़ा आरोप

त्वरित डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zepto पर आरोप है कि शुरुआत में कम कीमत दिखाकर बाद में हैंडलिंग चार्ज, मेंबरशिप शुल्क और अन्य शुल्क जोड़ दिए जाते थे। इस मामले में कंपनी पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

Physics Wallah पर भी कार्रवाई

ऑनलाइन शिक्षा मंच Physics Wallah पर आरोप है कि उसने कई मामलों में उपयोगकर्ता की स्पष्ट सहमति के बिना बिल में 10 रुपये का डोनेशन जोड़ दिया। इसके अलावा मुफ्त कोर्स के नाम पर अनावश्यक व्यक्तिगत जानकारी भी मांगी जा रही थी। CCPA ने इस मामले में कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

BookMyShow पर ‘Basket Sneaking’

टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म BookMyShow पर ग्राहकों के बिल में स्वतः 1 रुपये का चैरिटी डोनेशन जोड़ने का आरोप लगा। इस तकनीक को ‘Basket Sneaking’ कहा जाता है, जिसमें ग्राहक की जानकारी के बिना अतिरिक्त राशि बिल में शामिल कर दी जाती है। इस मामले में भी CCPA ने कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया।

IndiGo के ‘Confirm Shaming’ पर आपत्ति

एयरलाइन IndiGo पर आरोप लगा कि यात्रा बीमा न लेने वाले ग्राहकों को “No, I will take risk” जैसा संदेश दिखाया जाता था। CCPA के अनुसार यह तरीका ग्राहकों पर मानसिक दबाव बनाने वाला था और इसे Confirm Shaming की श्रेणी में रखा गया। कार्रवाई के बाद कंपनी ने इस संदेश को हटाकर अधिक तटस्थ विकल्प उपलब्ध कराया है।

अन्य कंपनियां भी कार्रवाई के दायरे में

CCPA ने केवल इन चार कंपनियों पर ही नहीं बल्कि FirstCry, Anuj Jindal, PharmaEasy, McAfee और SpiceJet पर भी डार्क पैटर्न अपनाने के आरोप में कार्रवाई की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार FirstCry पर 2 लाख रुपये, Anuj Jindal पर 3 लाख रुपये, जबकि PharmaEasy, McAfee और SpiceJet पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या संदेश?

सरकार का स्पष्ट कहना है कि डिजिटल कारोबार में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के अधिकार सर्वोपरि हैं। कंपनियां ग्राहकों को भ्रमित करके अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकतीं और न ही डर या दबाव बनाकर किसी सेवा या सदस्यता के लिए मजबूर कर सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई पूरे ई-कॉमर्स और डिजिटल सेवा उद्योग के लिए एक बड़ा संदेश है। आने वाले समय में कंपनियों को अपने ऐप और वेबसाइट के इंटरफेस में अधिक पारदर्शिता लानी होगी।

ग्राहकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

ऑनलाइन खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को भुगतान से पहले अंतिम बिल को ध्यान से देखना चाहिए। यदि किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क, डोनेशन, बीमा या सदस्यता स्वतः जुड़ी हुई दिखाई दे तो उसे हटाने के बाद ही भुगतान करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन या CCPA के माध्यम से की जा सकती है।

डिजिटल बाजार में बढ़ेगी जवाबदेही

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल इंडिया के दौर में ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। ऐसे में उपभोक्ताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए कंपनियों को निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवहार अपनाना होगा। CCPA की यह कार्रवाई भविष्य में अन्य कंपनियों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि ग्राहकों को गुमराह करने वाले डार्क पैटर्न अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

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