नई दिल्ली: दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग व्यापक प्रवर्तन अभियान चला रहा है। इसके तहत ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स कंपनियों के गोदामों तथा डार्क स्टोर्स का निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही बाजारों में बिक रहे देसी घी के विभिन्न ब्रैंड्स के नमूनों की जांच भी की गई है। निरीक्षण के दौरान कई परिसरों में एक्सपायरी खाद्य उत्पाद, कीटों की मौजूदगी, अस्वच्छ भंडारण और तापमान बनाए रखने में कमियां सामने आईं। वहीं, देसी घी के 59 नमूनों की जांच में 19 नमूने असुरक्षित और चार नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं पाए गए। मिली कमियों के आधार नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करना या मिलावट के जरिए लोगों की सेहत को खतरे में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
डार्क स्टोर्स में एक्सपायरी उत्पाद, कीट और स्वच्छता संबंधी कमियां
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में क्विक-कॉमर्स और रिटेल कंपनियों के खाद्य भंडारण केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान एक्सपायरी उत्पादों के अलावा कीटों की मौजूदगी, अस्वच्छ भंडारण, कोल्ड स्टोरेज का निर्धारित तापमान बनाए रखने में कमी, क्षतिग्रस्त पैकेट और लेबलिंग संबंधी खामियां दर्ज की गईं। उत्तम नगर स्थित स्विगी इंस्टामार्ट के परिसर में एक्सपायरी अवधि पार कर चुके फ्रोजन हरी मटर, ग्रीक योगर्ट, एगलेस चॉकलेट-चिप ब्राउनी और गाय के घी के उत्पाद मिले। यहां अंकुरित अनाज, फल और सब्जियों के कुछ पैकेटों पर एक्सपायरी तिथि भी अंकित नहीं थी। वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड के परिसर में मक्खियां, मच्छर और छिपकली देखी गई। वहां मकड़ी के जाले भी मौजूद थे। इसके अलावा, सफाई का शेड्यूल और सफाई संबंधी चेकलिस्ट उपलब्ध नहीं थी।
निरीक्षण में घेवरा स्थित जोमैटो हाइपरप्योर के परिसर में एक्सपायरी अवधि पार कर चुके कोक डाइट और नेस्ले शिकंजी के उत्पाद मिले। वहां अस्वच्छ परिस्थितियां भी दर्ज की गईं। झील खुरेजा स्थित ज़ेप्टो लिमिटेड के परिसर में कोल्ड स्टोरेज का तापमान निर्धारित स्तर पर बनाए रखने में कमी पाई गई। वहां कॉकरोच और मकड़ी के जाले मिले। रैक गंदे और जंग लगे थे, खाद्य उत्पाद खराब हो चुके उत्पादों के ऊपर रखे गए थे, दीवारों की सतह उखड़ रही थी और कुछ खाद्य पदार्थ सीधे फर्श पर रखे मिले। ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के आसफ अली रोड और दरियागंज स्थित परिसरों में गंदे क्रेट और खाद्य भंडारण क्षेत्रों में धूल जमा मिली। चूहों को पकड़ने के लिए लगाए गए ट्रैप उचित स्थानों पर नहीं थे और उनकी संख्या भी पर्याप्त नहीं थी। वहीं, रोहिणी स्टोर में खाद्य पदार्थों को इस तरह अलग-अलग रखने की व्यवस्था नहीं मिली, जिससे एक उत्पाद से दूसरे में संदूषण का जोखिम रोका जा सके। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए गए और संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए सुधार संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं।
देसी घी के 59 नमूनों की जांच, 19 असुरक्षित और चार खरे नहीं
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिल्ली के विभिन्न बाजारों से देसी घी के अलग-अलग ब्रांडों के कुल 59 नमूने लिए। इनमें नाहरपुर, पोसंगीपुर, लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार, रामपुरा, टैगोर गार्डन, कल्याणपुरी, कृष्णा विहार और कोंडली बाजार शामिल थे। जांच में 19 नमूने मानव उपभोग के लिए असुरक्षित और चार नमूने खरे नहीं पाए गए। कुल नमूनों में 42 प्रतिशत से अधिक मानकों पर खरे नहीं उतरे।
जिन ब्रैंड्स के नमूनों को मानव उपभोग के लिए असुरक्षित माना गया है उनमें हरियाणा लाइट (Haryana Lite), हरियाणा सुप्रीम (Haryana Supreme), हरियाणा डेयरी (Haryana Dairy), हरियाणा प्योर (Haryana Pure), श्री हरियाणा किंग (Shree Haryana King), श्री हरियाणा फूड्स (Shree Haryana Foods), करतार (Kartar), प्रभास (Prabhas), मधु संगम (Madhu Sangam), राधा कृष्णा (Radha Krishna), न्यू पंजाब सुपर ब्रांड (New Punjab Super Brand), अक्षरा (Akshara), आनंद गोल्ड (Anand Gold), श्री नंदन (Shree Nandan), श्री मोहन (Shree Mohan), श्री कृष्णा (Shree Krishna) शामिल हैं। विभाग ने नोवा, गोवर्धन प्योर गाय का घी) और प्रताप देसी घी के नमूनों को उपमानक बताया है। विभाग के अनुसार असुरक्षित घी बेचने वाले खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध प्रतिष्ठान बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं और उनके लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट कहा है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करना या मिलावट के जरिए लोगों की सेहत को खतरे में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि बाजारों, खाद्य भंडारण केंद्रों और ऑनलाइन माध्यम से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों पर निगरानी सख्त की जाए। जहां भी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिले, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए। सरकार का उद्देश्य केवल खामियां पकड़ना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिसमें दिल्ली के प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ पहुंचें। जनस्वास्थ्य की रक्षा और खाद्य कारोबार में जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।