• होम
  • दिल्ली/NCR
  • पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की उपलब्धि का किया जिक्र, कहा- यह राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रतीक

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की उपलब्धि का किया जिक्र, कहा- यह राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रतीक

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के ताजा संस्करण में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में देश की उपलब्धि का जिक्र किया और कहा कि यह राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति और एक स्थायी भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • April 26, 2026 5:30 pm IST, Published 2 months ago

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के ताजा संस्करण में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में देश की उपलब्धि का जिक्र किया और कहा कि यह राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति और एक स्थायी भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने एक वर्ष 6 गीगावाट की नई पवन ऊर्जा स्थापित करने का मील का पत्थर हासिल किया है और इस उपलब्धि ने अंतरराष्ट्रीय जगत का भी ध्यान भारत की ओर खींचा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पवन ऊर्जा की कुल क्षमता के मामले में भारत अब वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर है।

उन्होंने इस उपलब्धि को केवल एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति और सतत भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस क्षेत्र में हो रही तीव्र प्रगति सरकार और नागरिकों दोनों के हरित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर होने के प्रयासों का प्रमाण है। गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे प्रमुख राज्य इस ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से गुजरात के रेगिस्तानी क्षेत्रों, जिनमें कच्छ, पाटन और बनासकांठा शामिल हैं, के परिवर्तन पर प्रकाश डाला।

ये क्षेत्र, जो कभी केवल अपने विशाल और बंजर भूभाग के लिए जाने जाते थे, अब बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के केंद्र बन गए हैं। इस बदलाव ने भौगोलिक चुनौतियों को आर्थिक संपदा में बदल दिया है, जिससे पूरे देश में सतत विकास का खाका तैयार हुआ है। पर्यावरण संबंधी लाभों के अलावा, प्रधानमंत्री ने इन परियोजनाओं के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पर भी जिक्र किया और कहा कि पवन ऊर्जा के विकास से भारत के युवाओं के लिए नए अवसरों के कई स्रोत खुल रहे हैं। जैसे-जैसे यह क्षेत्र विस्तार कर रहा है, नए कौशल विकसित हो रहे हैं और ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार के विविध द्वार खुल रहे हैं। यह विकास सुनिश्चित करता है कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण व्यावसायिक विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उत्प्रेरक का काम करे।

इस विषय पर अपने संबोधन के समापन में, प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना प्रत्येक नागरिक का एक महत्वपूर्ण दायित्व है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परिवर्तन समाज के हर स्तर पर की गई पहलों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता देकर, भारत न केवल वैश्विक पर्यावरणीय चिंताओं का समाधान कर रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत और आत्मनिर्भर ऊर्जा अवसंरचना का निर्माण भी कर रहा है।

Advertisement