• होम
  • बिहार
  • बांकीपुर जीत के बाद प्रशांत किशोर का अगला दांव, जानिए प्लान

बांकीपुर जीत के बाद प्रशांत किशोर का अगला दांव, जानिए प्लान

पटना: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने अपने अगले राजनीतिक अभियान का संकेत दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में जीत हासिल करने के बाद अब उनका पूरा फोकस बिहार […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • August 4, 2026 10:30 pm IST, Published 35 minutes ago

पटना: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने अपने अगले राजनीतिक अभियान का संकेत दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में जीत हासिल करने के बाद अब उनका पूरा फोकस बिहार के आगामी पंचायत चुनावों और विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों पर रहेगा। प्रशांत किशोर का कहना है कि उनकी यह जीत केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में बदलाव की शुरुआत है।

बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम आने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ विधायक बनना नहीं था। इस चुनाव के जरिए वे बिहार की जनता को यह संदेश देना चाहते थे कि राज्य की राजनीति में एक नया विकल्प भी मजबूत होकर उभर सकता है। उन्होंने कहा कि जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और अब इसी विश्वास को पूरे बिहार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

पंचायत चुनाव पर रहेगा पूरा फोकस

प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि जन सुराज पार्टी अब आगामी पंचायत चुनावों की तैयारी में पूरी ताकत झोंक देगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत करेगी। उनका लक्ष्य हर जिले में जन सुराज समर्थित नेतृत्व तैयार करना है ताकि स्थानीय स्तर पर भी राजनीति में बदलाव की शुरुआत हो सके।

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं और यदि गांवों की राजनीति बदलेगी तो उसका प्रभाव पूरे राज्य की राजनीति पर दिखाई देगा। इसी वजह से पार्टी पंचायत चुनावों को बेहद गंभीरता से लड़ने की तैयारी कर रही है।

परिसीमन के कारण चुनाव में हो सकती है देरी

बिहार में पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल इसी वर्ष समाप्त होने जा रहा है। इससे पहले चुनाव आयोग ने नवंबर-दिसंबर 2026 के दौरान पंचायत चुनाव कराने की संभावना जताई थी। हालांकि अब राज्य सरकार ने पंचायतों का परिसीमन कराने का फैसला लिया है।

नई सीमाओं के निर्धारण के बाद ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना है। ऐसे में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव निर्धारित समय से कुछ देर से भी हो सकते हैं। राजनीतिक दलों ने भी अपने स्तर पर इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

एमएलसी चुनाव पर भी जन सुराज की नजर

पंचायत चुनाव के साथ-साथ बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले संभावित चुनावों पर भी जन सुराज की नजर बनी हुई है। हालांकि प्रशांत किशोर ने अभी उम्मीदवारों या चुनावी रणनीति को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी इन चुनावों में भी अपने समर्थित प्रत्याशी मैदान में उतार सकती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि जन सुराज पंचायत और एमएलसी चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करती है तो बिहार की राजनीति में उसका प्रभाव और बढ़ सकता है। यही वजह है कि पार्टी संगठन विस्तार के साथ चुनावी तैयारियों को भी तेज कर रही है।

जिला परिषद स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी

प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका उद्देश्य बिहार के प्रत्येक जिला परिषद में जन सुराज का प्रभाव स्थापित करना है। इसके लिए पार्टी बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाएगा जिनकी समाज में अच्छी छवि हो तथा जनता से सीधा जुड़ाव हो।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी जातीय समीकरणों से ऊपर उठकर विकास और सुशासन के मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी। जन सुराज का दावा है कि बिहार की जनता अब नई राजनीतिक सोच को स्वीकार करने के लिए तैयार है।

युवाओं को राजनीति में आने का दिया संदेश

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव की जीत को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव ने यह साबित कर दिया है कि यदि जनता का विश्वास मिले तो नई राजनीतिक ताकतें भी स्थापित दलों को चुनौती दे सकती हैं।

उन्होंने युवाओं से राजनीति में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि केवल आलोचना करने से बदलाव नहीं आएगा। यदि युवा राजनीति में भागीदारी करेंगे तो व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। जन सुराज भी युवाओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की योजना पर काम कर रही है।

बिहार की राजनीति में बढ़ेगी नई चुनौती

बांकीपुर की जीत ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। लंबे समय से राज्य की राजनीति प्रमुख दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन जन सुराज की जीत ने राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दिया है। आने वाले पंचायत चुनाव और एमएलसी चुनाव इस बात की परीक्षा होंगे कि जन सुराज अपनी विधानसभा जीत को राज्यव्यापी जनसमर्थन में बदल पाती है या नहीं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत संगठन खड़ा करने में सफल रहती है तो भविष्य के विधानसभा चुनावों में भी उसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पंचायत चुनावों में जन सुराज किस रणनीति के साथ मैदान में उतरती है और क्या वह अपने दावों को चुनावी सफलता में बदल पाती है।

Advertisement