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पत्रकारिता और साहित्य में योगदान के लिए संजय राय को राष्ट्रीय सम्मान मिला

पत्रकार और लेखक के लिए इस तरह के सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होते, बल्कि अपने पेशेवर दायित्वों को और अधिक जिम्मेदारी तथा प्रतिबद्धता के साथ निभाने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने पत्रकारिता में निरंतर अध्ययन, तथ्यपरक लेखन और समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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Gauravshali Bharat News
  • September 21, 2026 3:16 pm IST, Published 60 minutes ago

नई दिल्ली: प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में ‘आज’ हिंदी दैनिक के नेशनल ब्यूरो चीफ और वरिष्ठ पत्रकार संजय राय को पत्रकारिता एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह का आयोजन भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ और प्राइम इंडिया मीडिया हाउस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता, साहित्य, राजनीति और शिक्षा जगत से जुड़े कई लोग मौजूद रहे।

यह कार्यक्रम 19 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय परिचर्चा और पुरस्कार वितरण समारोह के रूप में हुआ। परिचर्चा का विषय ‘विकसित भारत के प्रति मोदी का विजन और युवाओं की भूमिका’ रखा गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान संजय राय को उनके पत्रकारिता और लेखन कार्य के लिए सम्मानित किया गया। आयोजन में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. संजय सिंह बघेल मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए, जबकि पूर्व सांसद डॉ. अशोक वाजपेयी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।

समारोह में देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, आदर्श नगर के विधायक राजकुमार भाटिया, वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद प्रताप सिंह, जिन्हें इंजीनियर ए.पी. सिंह के नाम से भी जाना जाता है, भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह तथा प्राइम इंडिया मीडिया हाउस के प्रबंध संपादक नासिर खान सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।

संजय राय को पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 26 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति भवन, संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय मंत्रालयों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़ी गतिविधियों को कवर किया है। राष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ देश और दुनिया से जुड़े समसामयिक विषयों पर उनके लेख भी अलग-अलग माध्यमों में प्रकाशित होते रहे हैं। उनके लेख हिंदी और उर्दू के समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं के अलावा डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रकाशित हुए हैं।

पत्रकारिता के साथ साहित्यिक लेखन में भी संजय राय की सक्रियता रही है। उनके उर्दू लेखों के चयन पर आधारित पुस्तक ‘आलमी मंजरनामा’ प्रकाशित हो चुकी है। यह पुस्तक उनके विभिन्न समसामयिक विषयों पर लिखे गए लेखों का संकलन है। पुस्तक का प्रकाशन नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ उर्दू लैंग्वेज द्वारा किया गया, जो केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत संस्था है। इससे उनके पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्यिक योगदान को भी रेखांकित किया गया है।

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राष्ट्रीय सम्मान मिलने के बाद संजय राय ने आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार और लेखक के लिए इस तरह के सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होते, बल्कि अपने पेशेवर दायित्वों को और अधिक जिम्मेदारी तथा प्रतिबद्धता के साथ निभाने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने पत्रकारिता में निरंतर अध्ययन, तथ्यपरक लेखन और समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

समारोह में वक्ताओं ने पत्रकारिता को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी केवल घटनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना भी उनके कार्य का हिस्सा है। कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका, विकसित भारत की अवधारणा और वर्तमान समय में मीडिया की जिम्मेदारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

संजय राय को मिला यह सम्मान उनके लंबे पत्रकारिता अनुभव और लेखन क्षेत्र में सक्रिय योगदान के संदर्भ में दिया गया। राष्ट्रपति भवन से लेकर संसद और केंद्रीय सत्ता के प्रमुख संस्थानों तक की गतिविधियों को लंबे समय से कवर करने के साथ उन्होंने समसामयिक विषयों पर लेखन को भी अपनी पेशेवर यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने उन्हें सम्मान मिलने पर शुभकामनाएं दीं और उनके आगे के पत्रकारिता एवं साहित्यिक कार्यों के लिए सफलता की कामना की।

 

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