नयी दिल्लीः दिल्ली के शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने आज दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में 70वें राष्ट्रीय स्कूल खेल 2026–27 का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी, प्रख्यात खिलाड़ी तथा विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। दिल्ली सरकार द्वारा 70वें राष्ट्रीय स्कूल खेल 2026-27 के अंतर्गत 14 खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण 22 से 28 अक्टूबर 2026, द्वितीय चरण 30 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तथा तृतीय चरण 28 जनवरी से 3 फरवरी 2027 तक आयोजित किया जाएगा। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) के तत्वावधान में आयोजित इन खेलों में देशभर के विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और अन्य प्रतिभागी इकाइयों से 14,000 से अधिक खिलाड़ी एवं अधिकारी भाग लेंगे। इनकी मेजबानी दिल्ली सरकार का शिक्षा निदेशालय (खेल शाखा) कर रहा है।
इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने कहा कि राष्ट्रीय स्कूल खेल केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश के भविष्य के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। दिल्ली को इन खेलों की मेजबानी मिलना राजधानी के लिए गर्व की बात है। हमारा प्रयास है कि दिल्ली में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिले, युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिले और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में खेलों के प्रति सोच और व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों ने खेलों एवं फिटनेस को जन आंदोलन का स्वरूप दिया है। आज खेलों को केवल मनोरंजन या अतिरिक्त गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और करियर के एक सशक्त माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।
सूद ने कहा कि पहले खिलाड़ियों को अक्सर यह सुनना पड़ता था कि ‘खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब, पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब’, लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। मजबूत खेल इकोसिस्टम, बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और आर्थिक प्रोत्साहन के कारण खिलाड़ियों के लिए खेलों में भी सुनहरा भविष्य बनाने के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी में आयोजित होने वाली इन 14 प्रतियोगिताओं में दिल्ली के खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन करें और अधिक से अधिक पदक जीतें। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, चिकित्सा सहायता और सकारात्मक खेल वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आशीष सूद ने बताया कि राष्ट्रीय स्कूल खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए स्टेडियमों एवं खेल परिसरों में बेहतर खेल मैदान, ट्रैक एवं फील्ड, आवश्यक उपकरण, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और तकनीकी अधिकारियों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। देशभर से आने वाली टीमों के लिए आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन एवं स्वागत की भी समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि जब युवा खिलाड़ी अपने समकक्ष खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं के बीच खेलते देखते हैं, तो उनमें भी आगे बढ़ने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा पैदा होती है। इस प्रकार के आयोजन न केवल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि खेलों के प्रति युवाओं की रुचि और आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।
शिक्षा एवं खेल मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार राशि और खेल सुविधाओं को लगातार मजबूत कर रही है। नई खेल नीति के अंतर्गत ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए ₹7 करोड़, रजत पदक विजेताओं के लिए ₹5 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं के लिए ₹3 करोड़ की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। एशियाई खेलों एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में खेल संस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से पिछले वर्ष खेलो महाकुंभ का आयोजन किया गया था, जिसमें 17 स्टेडियमों एवं खेल परिसरों में एक महीने तक प्रतियोगिताएं चलीं और 16,000 से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया। यह आयोजन दिल्ली में खेलों को जनभागीदारी से जोड़ने और नई प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास था।
आशीष सूद ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार खिलाड़ियों के लिए खेल अवसंरचना का विस्तार कर रही है। पीतमपुरा में लगभग ₹100 करोड़ की लागत से नया खेल परिसर विकसित किया जा रहा है। दिल्ली के कॉलेजों को खेल अनुदान ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी करने वाले योग्य खिलाड़ियों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। देशभर से आए युवा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए श्री सूद ने कहा कि खेलों में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण सीखना, अनुशासन, मित्रता और चरित्र निर्माण है। प्रत्येक खिलाड़ी अपने राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करता है। खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और खेल भावना ही उन्हें भविष्य में बड़ी उपलब्धियों तक पहुंचाती है।
उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलें और अपनी मेहनत जारी रखें। हार और जीत खेल का हिस्सा हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। दिल्ली में 70वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों का आयोजन राजधानी की खेल अवसंरचना, आयोजन क्षमता और खिलाड़ियों के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। इससे पहले दिल्ली में 22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 का सफल आयोजन त्यागराज स्टेडियम में किया गया था।