नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm की बैंकिंग इकाई Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह फैसला 24 अप्रैल 2026 को लिया गया, जो पिछले दो वर्षों से चल रही सख्त निगरानी और नियमों के उल्लंघन के मामलों के बाद आया है।
RBI ने अपने आदेश में कहा कि बैंक लगातार नियामकीय नियमों का पालन करने में विफल रहा। खासतौर पर ग्राहक सत्यापन (KYC) में कमी, फंड के उपयोग में गड़बड़ी और तकनीकी ढांचे में खामियां प्रमुख कारण बताए गए हैं।
Paytm Payments Bank को वर्ष 2015 में लाइसेंस मिला था और यह छोटे खातों में जमा लेने की सुविधा देता था, लेकिन इसे लोन देने की अनुमति नहीं थी। हालांकि, जनवरी 2024 में ही RBI ने इस बैंक पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए थे और नए जमा स्वीकार करने पर रोक लगा दी थी।
अब लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक कोई भी बैंकिंग गतिविधि संचालित नहीं कर सकेगा। फिलहाल ग्राहकों को केवल अपने पहले से जमा पैसे निकालने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा बैंक सीमित रूप से लोन रेफरल एजेंट के रूप में काम कर सकता है।
RBI ने यह भी संकेत दिया है कि वह बैंक को बंद (winding up) करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेगा।
इस फैसले का असर Paytm की मूल कंपनी One97 Communications पर भी पड़ सकता है, हालांकि कंपनी पहले ही अपने अन्य व्यवसाय जैसे पेमेंट एग्रीगेटर और UPI सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय बैंकिंग प्रणाली में नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने का संकेत है। साथ ही यह डिजिटल बैंकिंग कंपनियों के लिए एक चेतावनी भी है कि वे नियामकीय मानकों का पूरी तरह पालन करें।
कुल मिलाकर, RBI का यह फैसला भारत के फिनटेक सेक्टर में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में डिजिटल बैंकिंग कंपनियों पर निगरानी और सख्त हो सकती है।