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WhatsApp शेयर टिप्स का बड़ा खेल! SEBI की चेतावनी से मचा हड़कंप

WhatsApp पर फर्जी शेयर टिप्स देकर निवेशकों को फंसाने के आरोप में SEBI ने चेतावनी जारी की। ED ने छह शहरों में 29 ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 200 करोड़ रुपये के ट्रेडिंग खातों को फ्रीज किया।

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Gauravshali Bharat News
  • October 31, 2026 11:40 pm IST, Published 4 minutes ago

नई दिल्ली। शेयर बाजार में कम समय में मोटा मुनाफा कमाने की चाहत रखने वाले निवेशकों के लिए एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। सोशल मीडिया और खासकर WhatsApp ग्रुप के माध्यम से शेयर खरीदने-बेचने की सलाह देने वाले कथित फर्जी नेटवर्क पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सख्त रुख अपनाया है। बाजार नियामक ने निवेशकों को आगाह किया है कि अनजान लोगों के माध्यम से मिलने वाली शेयर बाजार की टिप्स पर आंख बंद करके भरोसा करना भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

इस मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित शेयर बाजार हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में छह शहरों में 29 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 200 करोड़ रुपये मूल्य के ट्रेडिंग खातों को फ्रीज किया गया। जांच का संबंध दो सूचीबद्ध कंपनियों R M Drip and Sprinklers Systems Ltd और R&B Denims Ltd के शेयरों में कथित हेरफेर से बताया गया है। Enforcement Directorate +2

WhatsApp ग्रुप में शेयर खरीदने का बनाया जाता था दबाव

जांच एजेंसियों के सामने आए तथ्यों के अनुसार, कथित तौर पर कुछ WhatsApp समुदायों के माध्यम से चुनिंदा शेयरों को लेकर लगातार प्रचार किया जा रहा था। निवेशकों को संदेश भेजकर बताया जाता था कि संबंधित शेयर भविष्य में कई गुना रिटर्न दे सकते हैं। कुछ ग्रुप में शेयरों को मल्टीबैगर बताकर खरीदने की सलाह दी जाती थी।

ऐसे ग्रुप का नाम और प्रस्तुति इस तरह रखी जाती थी कि नए निवेशकों को लगता था कि वे किसी अनुभवी वित्तीय विशेषज्ञ या पेशेवर ट्रेडिंग टीम से जुड़ रहे हैं। शुरुआत में निवेशकों को शेयर बाजार की जानकारी, तकनीकी विश्लेषण और मुफ्त सुझाव देने का भरोसा दिया जाता था। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें कुछ खास कंपनियों के शेयर खरीदने के लिए प्रेरित किया जाता था।

आरोप है कि निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए ग्रुप में कुछ सदस्य जानबूझकर मुनाफे के स्क्रीनशॉट, सफल ट्रेडिंग के संदेश और विशेषज्ञों की तारीफ करते थे। इससे नए लोगों को लगता था कि ग्रुप में दी जा रही सलाह से दूसरे निवेशक लगातार कमाई कर रहे हैं।

SEBI ने 22 अक्टूबर को जारी की अहम चेतावनी

SEBI ने 22 अक्टूबर 2026 को निवेशकों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कुछ अपंजीकृत व्यक्ति और संस्थाएं बंद WhatsApp ग्रुप के जरिए शेयर बाजार में खरीद-बिक्री के अनधिकृत सुझाव दे रही हैं।

नियामक के अनुसार, ऐसे समूहों में कई बार विदेशी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता है। इनके संचालक खुद को शेयर बाजार का जानकार या विशेषज्ञ बताकर लोगों को प्रभावित करते हैं। कुछ मामलों में ग्रुप के दूसरे सदस्य भी मुनाफे के झूठे दावे करके इन संचालकों की विश्वसनीयता बढ़ाने की कोशिश करते हैं।

SEBI ने यह भी आगाह किया कि जब किसी संदिग्ध ग्रुप पर कार्रवाई होती है या वह बंद हो जाता है, तो निवेशकों को किसी दूसरे मोबाइल नंबर से नए WhatsApp ग्रुप में जुड़ने का निमंत्रण भेजा जा सकता है। इसलिए केवल ग्रुप का नाम या सदस्यों की संख्या देखकर उसकी विश्वसनीयता तय नहीं करनी चाहिए।

ED की छह शहरों में कार्रवाई, 29 ठिकानों पर छापेमारी

इस मामले में ED की कार्रवाई 16 अक्टूबर 2026 को की गई थी। एजेंसी के मुंबई जोनल कार्यालय-I ने महाराष्ट्र और गुजरात के छह शहरों में कुल 29 परिसरों की तलाशी ली। इनमें मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर शामिल हैं।

तलाशी अभियान के दौरान जांच अधिकारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, शेयरों के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही लगभग 200 करोड़ रुपये मूल्य के ट्रेडिंग खातों को फ्रीज किया गया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।

जांच एजेंसी का मानना है कि इस कथित नेटवर्क में कंपनियों के शेयर आवंटन, प्रमोटरों, कुछ वित्तीय संस्थाओं और WhatsApp ग्रुप संचालित करने वाले लोगों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल जरूरी है। हालांकि, जांच पूरी होने और अदालत में आरोप साबित होने तक संबंधित पक्षों को दोषी नहीं माना जा सकता।

कैसे काम करता था शेयर बाजार में Pump and Dump का खेल?

इस पूरे मामले में जिस तरीके की जांच हो रही है, उसे शेयर बाजार की भाषा में ‘Pump and Dump’ कहा जाता है। यह एक ऐसी कथित हेरफेर की रणनीति है, जिसमें किसी शेयर की मांग और कीमत को कृत्रिम रूप से बढ़ाने का प्रयास किया जाता है।

इस प्रक्रिया को आसान भाषा में समझें तो इसका तरीका कुछ इस तरह हो सकता है:

पहला चरण: कम कीमत पर शेयर खरीदना

कथित तौर पर इस तरह के नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग पहले किसी कंपनी के शेयर कम कीमत पर खरीदते हैं या उन्हें प्राथमिक आवंटन के माध्यम से हासिल करते हैं।

दूसरा चरण: सोशल मीडिया पर प्रचार

इसके बाद WhatsApp, Telegram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उस शेयर को लेकर सकारात्मक संदेश फैलाए जाते हैं। निवेशकों को बताया जाता है कि कंपनी का भविष्य शानदार है और शेयर की कीमत तेजी से बढ़ सकती है।

तीसरा चरण: नए निवेशकों को आकर्षित करना

जब बड़ी संख्या में छोटे निवेशक शेयर खरीदने लगते हैं तो बाजार में उसकी मांग बढ़ सकती है। मांग बढ़ने के साथ शेयर की कीमत और ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी उछाल आ सकता है।

चौथा चरण: शेयर बेचकर निकलना

आरोपित रणनीति के अंतिम चरण में पहले से शेयर रखने वाले लोग बढ़ी हुई कीमत पर अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इसके बाद जब खरीदारी का दबाव कम होता है तो शेयर की कीमत तेजी से गिर सकती है। ऐसे में ऊंची कीमत पर शेयर खरीदने वाले छोटे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

यही कारण है कि बाजार नियामक सोशल मीडिया पर मिलने वाली अपुष्ट निवेश सलाह को लेकर लगातार सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।

दो कंपनियों के शेयरों में हेरफेर की जांच

ED की जांच के केंद्र में R M Drip and Sprinklers Systems Ltd और R&B Denims Ltd के शेयर हैं। एजेंसी के अनुसार, अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी किए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि इन आवंटनों के लिए भुगतान की गई बड़ी राशि सीमित संख्या में जुड़े हुए व्यक्तियों, कंपनियों और वित्तपोषण करने वाले समूहों से आई थी।

ED के मुताबिक, इसके बाद संबंधित शेयरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई। दिसंबर 2025 के अंत से फरवरी 2026 के बीच ‘Multibagger Stocks’ जैसे नामों वाले WhatsApp समूहों के माध्यम से इन शेयरों को खरीदने की सलाह प्रसारित की गई।

एजेंसी की जांच के अनुसार, इन प्रचार संदेशों के बाद संबंधित शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और खरीददारों की संख्या लगभग 3,400 से बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई। बाद में WhatsApp समूह अचानक बंद कर दिए गए और दोनों कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

एक लाख से अधिक निवेशकों को नुकसान की आशंका

इस पूरे मामले का सबसे चिंताजनक पहलू छोटे निवेशकों की संख्या है। जांच एजेंसी के सामने आए विवरण के अनुसार, WhatsApp ग्रुप के जरिए शेयरों का प्रचार होने के बाद बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक बाजार में खरीदारी करने लगे थे।

जब संबंधित ग्रुप बंद हुए तो शेयरों में गिरावट शुरू हो गई। आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ ही दिनों में दोनों कंपनियों के शेयरों की कीमतों में लगभग 70 प्रतिशत तक गिरावट आई। इससे एक लाख से अधिक छोटे निवेशकों को नुकसान होने की बात सामने आई है।

यह मामला उन लोगों के लिए भी सबक है जो बिना कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार और बाजार संबंधी जोखिमों को समझे केवल दूसरों के सुझाव पर निवेश कर देते हैं।

निवेश करने से पहले इन पांच बातों का रखें ध्यान

SEBI की चेतावनी के बाद निवेशकों को अपनी सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए।

* अनजान WhatsApp ग्रुप से बचें: किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर VIP Stock Tips या Multibagger Tips जैसे ग्रुप में शामिल होकर निवेश न करें।

* रजिस्टर्ड सलाहकार की जांच करें: निवेश संबंधी सलाह देने वाले व्यक्ति या संस्था का SEBI पंजीकरण अवश्य जांचें।

* गारंटीड मुनाफे के दावों पर भरोसा न करें: शेयर बाजार में जोखिम होता है। निश्चित या बिना जोखिम के भारी मुनाफे का दावा संदेह पैदा करता है।

* निजी जानकारी साझा न करें: किसी अनजान व्यक्ति को अपना ट्रेडिंग अकाउंट, पासवर्ड, OTP या अन्य गोपनीय जानकारी न दें।

* संदिग्ध ऐप से बचें: WhatsApp ग्रुप में भेजे गए अनजान लिंक या ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें।

SEBI ने निवेशकों को केवल पंजीकृत मध्यस्थों के माध्यम से ही शेयर बाजार में कारोबार करने और किसी भी निवेश निर्णय से पहले संबंधित जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी है।

ठगी होने पर कहां करें शिकायत?

अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन निवेश या शेयर बाजार के नाम पर आर्थिक धोखाधड़ी हुई है तो उसे जल्द से जल्द शिकायत करनी चाहिए। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा भारत सरकार के आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

शेयर बाजार से संबंधित अनियमित गतिविधियों और शिकायतों के लिए SEBI के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है। निवेशकों को अपने पास भुगतान रसीद, बैंक ट्रांजेक्शन, WhatsApp संदेश, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए।

निवेशकों के लिए SEBI की चेतावनी क्यों है महत्वपूर्ण?

डिजिटल युग में शेयर बाजार तक पहुंच आसान हुई है। अब मोबाइल फोन के जरिए कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है। लेकिन इसी सुविधा के साथ ऑनलाइन ठगी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं।

WhatsApp और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति का खुद को विशेषज्ञ बताना उसकी वास्तविक योग्यता या पंजीकरण का प्रमाण नहीं है। इसी तरह ग्रुप में दिखाई देने वाले मुनाफे के स्क्रीनशॉट भी वास्तविक कमाई का प्रमाण नहीं होते।

SEBI की चेतावनी और ED की कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि निवेशकों को केवल आकर्षक संदेशों और जल्दी अमीर बनने के वादों के आधार पर वित्तीय फैसले नहीं लेने चाहिए।

निष्कर्ष: WhatsApp के जरिए शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देने वाले कथित नेटवर्क पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई ने निवेशकों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। करीब 200 करोड़ रुपये के ट्रेडिंग खातों को फ्रीज किए जाने और छह शहरों में छापेमारी के बाद अब इस मामले की जांच पर सबकी नजर है। निवेशकों के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है कि शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले जानकारी की पुष्टि करें, जोखिम समझें और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की सलाह पर अपनी मेहनत की कमाई दांव पर न लगाएं।

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