केरल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शुरुआती रुझानों से लेकर ताज़ा ट्रेंड्स तक, कांग्रेस नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) लगातार मजबूत स्थिति में बना हुआ है और बहुमत का आंकड़ा पार कर चुका है।
सुबह 8 बजे मतगणना शुरू होने के बाद शुरुआती रुझानों में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) ने बढ़त बनाई थी। पहले राउंड में LDF 45 सीटों पर आगे था, जबकि UDF 32 सीटों पर बढ़त बनाए हुए था। हालांकि जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, तस्वीर पूरी तरह बदलती गई।
करीब 8:45 बजे तक मुकाबला कांटे का हो गया, जहां UDF 64 और LDF 61 सीटों पर आगे था। इसके बाद UDF ने तेजी से बढ़त बनानी शुरू की और 8:55 बजे तक 71 सीटों के बहुमत के करीब पहुंच गया। 9:27 बजे तक UDF ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए 83 सीटों पर बढ़त बना ली, जबकि LDF 53 सीटों पर सिमट गया।
ताज़ा रुझानों के अनुसार, UDF की बढ़त और मजबूत हो गई है। 10:05 बजे तक कांग्रेस गठबंधन 94 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि LDF 42 सीटों पर पीछे है। यह संकेत देता है कि केरल में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है।
सबसे बड़ा झटका मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को लगता दिख रहा है। धर्मादोम सीट से वे पीछे चल रहे हैं, जहां कांग्रेस उम्मीदवार वी पी अब्दुल रशीद करीब 2800 से अधिक वोटों से आगे हैं। यह नतीजा अगर कायम रहता है तो यह केरल की राजनीति में बड़ा उलटफेर होगा।
मतगणना से पहले यह माना जा रहा था कि विजयन के नेतृत्व में LDF तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश करेगा, जो राज्य के इतिहास में पहली बार होता। लेकिन मौजूदा रुझान इस संभावना को कमजोर करते दिख रहे हैं।
कुल मिलाकर, केरल चुनाव 2026 में कांग्रेस गठबंधन का प्रदर्शन बेहद मजबूत नजर आ रहा है और राज्य में सत्ता परिवर्तन के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। हालांकि अंतिम नतीजों के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार अभी बाकी है।