मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act) के तहत शादी की। इस समारोह में दोनों परिवारों के करीबी सदस्य और रिश्तेदार मौजूद रहे। शादी से जुड़े कार्यक्रम श्रीनगर और नई दिल्ली में आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री की ओर से साझा की गई तस्वीरों में दोनों एक साथ नजर आ रहे हैं। निधि राजदान ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की और इस नए रिश्ते की शुरुआत की जानकारी दी।
उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान के बीच संबंधों को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाएं होती रही थीं। निधि राजदान को इससे पहले भी उमर अब्दुल्ला के कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों और शपथ ग्रहण समारोहों में देखा गया था। हालांकि, दोनों ने अपने निजी रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की थी। अब सोशल मीडिया पर शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद इस रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। निधि राजदान देश की जानी-मानी पत्रकारों में शामिल रही हैं। उन्होंने लंबे समय तक एनडीटीवी के साथ काम किया है। वह चैनल में वरिष्ठ संपादकीय पद पर भी रह चुकी हैं। राजनीतिक मामलों, राष्ट्रीय घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग और टीवी कार्यक्रमों के जरिए उन्हें पत्रकारिता जगत में पहचान मिली। उनका कार्यक्रम ‘लेफ्ट, राइट एंड सेंटर’ भी काफी चर्चित रहा है।
A new journey began yesterday 💍@Nidhi https://t.co/BXbdLq2d1H
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) October 31, 2026
दूसरी ओर, उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर की राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं। वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके पिता फारूक अब्दुल्ला भी जम्मू-कश्मीर की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उमर अब्दुल्ला की यह दूसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने सितंबर 1994 में पायल अब्दुल्ला के साथ विवाह किया था। दोनों के दो बेटे जाहिर और जमीर हैं। हालांकि, शादी के कुछ वर्षों बाद उनके रिश्तों में दूरी आ गई थी और दोनों लंबे समय से अलग रह रहे थे। उमर अब्दुल्ला और पायल के बीच तलाक का मामला कई वर्षों तक अदालत में चला। शुरुआत में उमर अब्दुल्ला ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दाखिल की थी, जिसे 30 अगस्त 2016 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन दिसंबर 2023 में हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। अदालत का कहना था कि क्रूरता से जुड़े आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किए गए थे।

इसके बाद उमर अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अगस्त 2024 में मामला शीर्ष अदालत पहुंचा। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौते और मध्यस्थता के प्रयास भी हुए। आखिरकार 31 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति के आधार पर दोनों का विवाह समाप्त करने का आदेश दिया। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए तलाक की डिक्री पारित की। इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच लंबित विवादों को समाप्त करने और संबंधित मामलों को वापस लेने पर सहमति बनी। तलाक के करीब तीन महीने बाद उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान की शादी की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह खबर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। राजनीतिक क्षेत्र के साथ-साथ पत्रकारिता जगत से जुड़े लोग भी इस नई शुरुआत को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फिलहाल दोनों की ओर से साझा की गई तस्वीरों और संदेशों ने उनके जीवन के इस नए अध्याय की जानकारी सार्वजनिक कर दी है।