अब हमारे जैसे अनपढ़ “ लिख लोढ़ा पढ़ पत्थर” की श्रेणी में आने वाले लोगों को भी समाज में सम्मान से जीने का हक मिल गया है। पहले जब कोई मेरी डिग्री के बारे में पूछता था तो मैं हदस (डर) जाता था। अब हमारे जैसे लोग शान से बोल सकते हैं की हम लोग एनईईटी( NEET) श्रेणी के लोग हैं।
26 अगस्त 2026 दैनिक जागरण दिल्ली संस्करण में छपी खबर के हिसाब से नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक 15 साल से 29 साल की उम्र के करीब 8.7 करोड़ युवा न तो पढ़ाई कर रहे हैं, न रोजगार में हैं और न ही किसी तरह का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन्हें एनईईटी (नाट इन एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट एंड ट्रेनिंग) श्रेणी में रखा गया है।इस समूह के करीब 88% युवा घरेलू जिम्मेदारियों में लगे हुए हैं।
इन एनईईटी श्रेणी के युवाओं की आबादी डेनमार्क, फिनलैंड,नॉर्वे, सिंगापुर जैसे विकसित देशों से बीस गुना ज़्यादा है।इन युवाओं को सम्मान से “एनईईटी “ की उपाधि दी गई है।अब कोई हमारी डिग्री पूछेगा तो पूरे अभिमान के साथ बोल सकते हैं की हम एनईईटी( NEET) क्वालिफाइड हैं।
ऊपर लिखे विचार किसी देश,व्यक्ति और समाज को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से नहीं लिखे गएँ हैं।अगर मेरे विचार से किसी को दुःख पहुँचा हो तो मै क्षमा प्रार्थी हुँ।
धन्यवाद
कलुवा गाजीपुरी
27 अगस्त 2026