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खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, Blinkit स्टोर पर लगा प्रतिबंध

मुंबई: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने क्विक-कॉमर्स कंपनी Blinkit से जुड़ी मुंबई की एक इकाई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है। विभाग की जांच में स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों से […]

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  • August 11, 2026 5:34 pm IST, Published 41 minutes ago

मुंबई: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने क्विक-कॉमर्स कंपनी Blinkit से जुड़ी मुंबई की एक इकाई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है। विभाग की जांच में स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।

महाराष्ट्र FDA इन दिनों खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच कर रहा है। इसी अभियान के तहत अधिकारियों ने Blink Commerce Private Limited की मुंबई स्थित एक सुविधा का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों को परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा खाद्य सामग्री के भंडारण और प्रबंधन को लेकर भी कई खामियां दर्ज की गईं।

अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान परिसर में बड़ी संख्या में कॉकरोच पाए जाने की बात सामने आई। खाद्य सामग्री रखने वाले स्थानों पर स्वच्छता की कमी भी देखी गई। जांच में कुछ रैक जंग लगे हुए पाए गए, जबकि कुछ खाद्य उत्पाद फर्श पर रखे होने की जानकारी सामने आई। खाद्य कारोबार में इस तरह की परिस्थितियां उत्पादों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जाती हैं।

FDA की जांच में कोल्ड स्टोरेज की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान और स्वच्छ वातावरण में रखना जरूरी होता है, खासकर ऐसे उत्पादों के लिए जो जल्दी खराब हो सकते हैं। विभाग ने स्टोरेज व्यवस्था की कमियों को भी अपनी कार्रवाई का हिस्सा बनाया।

इसके अलावा जांच के दौरान एक्सपायर्ड और कथित तौर पर छेड़छाड़ किए गए पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के स्टॉक का भी उल्लेख किया गया है। खाद्य कारोबार में किसी उत्पाद की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद उसका स्टॉक रखना या बिक्री के लिए उपलब्ध कराना गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है। इसी वजह से नियामक एजेंसियां स्टॉक की नियमित जांच और रिकॉर्ड बनाए रखने पर जोर देती हैं।

निरीक्षण में FIFO और FEFO जैसी स्टॉक मैनेजमेंट प्रक्रियाओं का पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई। FIFO यानी पहले आने वाले स्टॉक को पहले निकालना, जबकि FEFO में जिसकी एक्सपायरी पहले होने वाली है, उसे पहले इस्तेमाल या डिस्पैच करने पर जोर दिया जाता है। खाद्य कारोबार में इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य पुराने स्टॉक को लंबे समय तक पड़े रहने से रोकना है।

FDA के अनुसार, सामने आई कमियों को देखते हुए संबंधित खाद्य कारोबार के लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई की गई। विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और इससे जुड़े लाइसेंस एवं पंजीकरण नियमों के तहत कदम उठाया है। लाइसेंस निलंबित होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान को नियामकीय अनुमति मिलने तक खाद्य कारोबार जारी रखने में प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।

इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि क्विक-कॉमर्स कंपनियों के संचालन में डार्क स्टोर और स्थानीय वेयरहाउस की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ग्राहक कुछ ही मिनटों में सामान पहुंचाने वाली सेवाओं पर निर्भर हो रहे हैं। ऐसे में इन केंद्रों पर खाद्य उत्पादों की सफाई, पैकेजिंग, तापमान नियंत्रण और स्टॉक रोटेशन की व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है।

FDA की कार्रवाई से यह संदेश भी जाता है कि खाद्य सुरक्षा नियम किसी भी बड़े या छोटे कारोबारी प्रतिष्ठान पर समान रूप से लागू होते हैं। ऑनलाइन डिलीवरी के जरिए खाद्य सामग्री बेचने वाले कारोबारों के लिए केवल तेज डिलीवरी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अब आगे संबंधित प्रतिष्ठान में सुधारात्मक कदमों और नियामकीय प्रक्रिया पर नजर रहेगी। यदि निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए आवश्यक सुधार किए जाते हैं, तो आगे की कार्रवाई सक्षम प्राधिकरण के निर्णय के अनुसार हो सकती है। वहीं FDA की ओर से संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है।

यह घटनाक्रम उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऑनलाइन खरीदे गए खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग, एक्सपायरी डेट और उत्पाद की स्थिति को डिलीवरी के समय जांचना उपयोगी है। किसी खाद्य सामग्री में गड़बड़ी दिखाई देने पर ग्राहक उसे इस्तेमाल करने के बजाय संबंधित प्लेटफॉर्म और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

 

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